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चलकोई फाउंडेशन का छात्रवृति वितरण समारोह तथा डॉ मेघना शर्मा तथा सत्यप्रकाश आचार्य को एल पी टेसिटोरी सेवा सम्मान…

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बीकानेर। चलकोई फाउंडेशन का छात्रवृति वितरण समारोह तथा राजकीय डूंगर महाविद्यालय, राजस्थानी मोट्यार परिसद के संयुक्त तत्वाधान में विस्तार व्याख्यान का आयोजन डूंगर कॉलेज में सम्पन्न हुआ ।

चलकोई फाउंडेशन के संस्थापक व शिक्षाविद राजवीर सिंह चलकोई ने बीकानेर के युवाओं से कहा कि राजस्थान ने आजादी के लिए लड़ना सिखाया हैं अपनी मातृ भूमि को सींचने के लिए कोई अंग्रेजों से पहली बार नहर ले आया था, आप और हम मिलकर राजस्थानी भाषा की मान्यता नहीं ला सकते?
डूंगर कॉलेज में राजस्थानी मोटियार परिषद के आह्वान पर हज़ारो युवा राम रंग मंच पर राजवीर सिंह चलकोई से राजस्थान के इतिहास लेखन परम्परा में राजस्थानी साहित्य की भूमिका पर विस्तृत व्याख्यान सुनने पहुंचे, अवसर था चलकोई फाउंडेशन के छात्रवृति वितरण समारोह का, राजवीर सिंह चलकोई की संस्था चलकोई फाउंडेशन पूरे राजस्थान में नियमित एम. ए. (पूर्वार्ध) के विद्यार्थियों की फीस भर रही हैं और इसके पीछे उनका उद्देश्य युवाओं का राजस्थानी के प्रति रुझान बढ़ाना हैं साथ ही राजस्थान में कोई राजस्थानी विषय की सीट खाली ना रहे इस उद्देश्य को प्राप्त करना उनका प्रथम लक्ष्य हैं जिसे उन्होंने अपनी टीम और आपके आशीर्वाद से पहले ही प्रयास में प्राप्त कर लिया हैं लगभग पूरे राजस्थान में सभी जगह लगभग शत प्रतिशत राजस्थानी साहित्य में नियमित एम. ए. की सीटे भरी हैं।

राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्रिंसिपल श्री राजेंद्र पुरोहित ने राजवीर सिंह चलकोई का धन्यवाद दिया एवं उनके इतिहास कला एवं संस्कृति के प्रति प्रेम को सराहा, डॉ अन्नाराम शर्मा ने विद्यार्थीयो के हित में किए गए इस प्रयास को राजस्थानी भाषा के लिए संजीवनी बताया राजवीर सिंह चलकोई जैसे अध्यापक राजस्थानी भाषा की महत्वता को समझ सकते हैं वो जानते हैं यदि भाषा नहीं रही तो आने वाले समय में नई पीढ़ियां हमारा इतिहास लिखने पढ़ने और सुनने से भी वंचित रह जाएगी इसी बात को आगे बढ़ाते हुए मोटियार परिषद के युवा रामनिवास कुकणा ने राजवीर सिंह चलकोई की इस मुहिम के लिए उन्हें एवं चलकोई फाउंडेशन को साधुवाद दिया।
राजस्थानी के आंदोलन में युवाओं को साथ लेकर राजस्थानी के आंदोलन को चरम तक ले जाने वाली अग्रणी संस्था राजस्थानी युवा समिति द्वारा एल पी टेसिटोरी सेवा सम्मान दिए गए जिनमे वर्ष 2023- 24 के लिए डॉ मेघना शर्मा को तथा 2024- 25 के लिए सत्यप्रकाश आचार्य को राजस्थानी में उनके विशिष्ट योगदान हेतु समिति अध्यक्ष अरुण राजपुरोहित एवं समिति के संस्थापक राजवीर सिंह चलकोई तथा हिमांशु शर्मा, प्रवीण मकवाना के हाथों दिया गया।

राजस्थानी युवा समिति संरक्षक एवं चलकोई फाउंडेशन के संस्थापक राजवीर सिंह चलकोई ने अपने वक्तव्य में बताया युवा शब्द का उल्टा पढ़ें तो वायु बनता है और युवाओं की ये भीड़ और उत्साह देखकर लगता हैं राजस्थानी आंदोलन को राजस्थान में ये नई पीढ़ी पूरे उत्साह से विराम देगी, ये पीढ़ी राजस्थानी की मान्यता लेकर रहेगीं।
मंच को संबोधित करते हुए
वरिष्ठ भाजपा नेता सत्यप्रकाश आचार्य ने कहा कि सरकार की तरफ से राजस्थानी भाषा को लेकर सकारात्मक संदेश मिलने वाला है।
इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ मेघना शर्मा ने कहा कि राजस्थानी भाषा को जल्दी मान्यता मिलनी चाइये ताकि राजस्थान की संस्कृति को संरक्षण मिल सके।

डॉ भगवानाराम बिश्नोई ने कहा कि अभी सही समय हैं राजस्थानी भाषा को मान्यता तथा राजभाषा हेतु,क्योंकि अब राजस्थान तथा केंद्र में भाजपा सरकार हैं।
मोट्यार परिसद के डॉ गौरीशंकर प्रजापत तथा डॉ हरिराम बिश्नोई ने मंचस्थ अतिथियों का अभिवादन करते हुए युवाओ के जोश का अभिवादन किया।
युवा नेता कृष्ण गोदारा ने कहा कि राजस्थानी भाषा के लिए पूरी छात्र शक्ति तैयार हैं
युवा नेता हरिराम गोदारा ने संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थानी हमारी मातृभाषा हैं इस पर हमें गर्व हैं
कार्यक्रम का जोशीला मंच संचालन रामावतार उपाध्याय द्वारा किया गया।
डूंगर कॉलेज तथा मोट्यार परिसद के डॉ नमामि शंकर ने सबका धन्यवाद ज्ञापित किया।
राजेश चौधरी,प्रशांत जैन,एडवोकेट हिमांशु टाक, एडवोकेट राजेश कड़वासरा,कमल मारू,जोधपुर से शोधार्थी जगदीश मेघवाल, सीकर से मोट्यार परिसद जिलाध्यक्ष राजेन्द्र चौधरी, व्याख्याता छैलूदान चारण,श्रवण कुमावत,भवानी तंवर,सत्यनारायण आसोपा, शुभकरण उपाध्याय, नख्तूचन्द सुथार, पप्पूसिंह, कबीरा, पृथ्वी चारण, मदन दान दासोड़ी,राजू नाथ,सुमित विश्नोई आदि उपस्थित रहे।

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