जीवन में अनुशासन अपनाने से भविष्य का उज्ज्वल होना तय- श्रीमती नम्रता वृष्णि, जिला कलेक्टर…

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पांच दिवसीय राष्ट्रीय जांभाणी संस्कार शिविर के समापन कार्यक्रम में बोलीं जिला कलेक्टर

जांभाणी साहित्य अकादमी बीकानेर की ओर से किया गया संस्कार शिविर का आयोजन

बीकानेर, 27 मई। जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने कहा कि बच्चे अगर जीवन में अनुशासन को अपनाते हैं तो उनका भविष्य उज्ज्वल होना तय है। वो भविष्य में जरूर कुछ अच्छा कर पाएंगे। जिला कलेक्टर श्रीमती वृष्णि मंगलवार को जांभाणी साहित्य अकादमी बीकानेर की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जांभाणी संस्कार शिविर के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बच्चों को संबोधित कर रहीं थी।शिविर में कुल 183 बच्चों ने हिस्सा लिया।

जांभाणी साहित्य अकादमी के व्यास कॉलोनी स्थित मुख्यालय भवन में 23 से 27 मई तक आयोजित पांच दिवसीय संस्कार शिविर में जिला कलेक्टर ने कहा कि सोशल मीडिया के जमाने में बच्चों के द्वारा इस शिविर में हिस्सा लेना बड़ी उपलब्धि है। उन्होने कहा कि देश में पर्यावरण बचाने से संबंधित सर्वोच्च सम्मान मां अमृता देवी के नाम से दिया जाता है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गुरु जंभेश्वर जी की पर्यावरण बचाने को लेकर दी हुई शिक्षाएं कितनी महत्वपूर्ण हैं।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर का अकादमी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व कार्यक्रम के संयोजक श्री राजाराम धारणिया समेत अन्य गणमान्य लोगों ने बुके देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ अनिला पुरोहित और भामाशाह श्री कैलाश बिश्नोई थे। कार्यक्रम में लिखित ज्ञान परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में विजेता बच्चों को जिला कलेक्टर ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इससे पूर्व जांभाणी साहित्य अकादमी की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ इंदिरा बिश्नोई ने कहा कि अकादमी की ओर से देश भर में ये शिविर आवासीय और गैर आवासीय रूप में आयोजित किए जाते हैं। जिसमें ज्ञान परीक्षा आयोजन के साथ श्री गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं से बच्चों को संस्कारित कर उन पर चलने हेतु प्रेरित किया जाता है ताकि बच्चों में आत्मविश्वास पैदा हो और वे कड़ी मेहनत कर जीवन के लक्ष्य को हासिल करें। साथ ही परिवार व देश का नाम रोशन करें।

विशिष्ट अतिथि डॉ अनिला पुरोहित ने कहा कि एक बेटी संस्कारवान होती है तो वह दो पीढ़ियों को आगे लेकर चलती है। साथ ही कहा कि जिसने उगता हुआ सूरज देख लिया उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अकादमी महासचिव श्री विनोद जंभदास ने बताया कि इस धरती को बचाने व पर्यावरणीय चेतना जागृत करने के लिए अकादमी की से हर वर्ष राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। रिटायर्ड आरपीएस श्री सोहन राम सिहाग ने संस्कार शिविर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को डॉ भंवरलाल कड़वासरा, डॉ लालचंद बिश्नोई,श्री बनवारी लाल डेलू, श्री मोखराम धारनियां,रिटायर्ड आरपीएस श्री जीवन राम गोदारा, श्री हनुमान राम बेनीवाल,श्री हजारी राम, श्री संदीप धारणियां,श्री कैलाश सिंवर, श्री हरिराम खीचड़ आदि ने संबोधित किया ।

राधेश्याम बिश्नोई को शहीद का दर्जा देने व स्मारक बनाने की मांग
कार्यक्रम में वन्यजीवों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले धोलिया (जैसलमेर) निवासी श्री राधेश्याम बिश्नोई के पर्यावरण संरक्षण मिशन पर जाते हुए दुर्घटना में निधन होने पर अकादमी ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और श्री राधेश्याम बिश्नोई को शहीद का दर्जा देने, उनके नाम का स्मारक बनाने, परिवार को आर्थिक सहायता व नौकरी देने की मांग की।

कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की मूर्ति के आगे दीप प्रज्जवलन से हुई। मंच संचालन डॉ हरिराम बिश्नोई ने किया। कार्यक्रम में डॉ संतोष कड़वासरा,श्रीमती उषा बिश्नोई, श्रीमती तारा बिश्नोई, श्रीमती विमला पूनिया,डॉ ओम प्रकाश भादू,श्री मनीराम खीचड़,श्री सहीराम मंडा, श्री मलूराम, श्री लक्ष्मीनारायण, श्री बस्तीराम डूडी,श्री सुभाष खीचड़ आदि की उपस्थिति रही।

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