टेलर को PFI के नाम से लेटर-बम से उड़ा देंगे:पीड़ित बोला- चुनाव के कारण 25 दिन चुप रहा; अब मुकदमा दर्ज

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टेलर को PFI के नाम से लेटर-बम से उड़ा देंगे:पीड़ित बोला- चुनाव के कारण 25 दिन चुप रहा; अब मुकदमा दर्ज

अलवर

चिकानी गांव के टेलर सोहनलाल धमकी भरा लेटर दिखाते हुए। - Dainik Bhaskar

चिकानी गांव के टेलर सोहनलाल धमकी भरा लेटर दिखाते हुए।

अलवर शहर से तिजारा रोड पर 17 किलोमीटर दूर स्थित गांव चिकानी में 76 साल के टेलर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी पत्र द्वारा दी गई है। पत्र भेजने वाले ने अपना नाम पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) लिखा है। इस लैटर से इलाके से हड़कंप मचा हुआ है।

पीड़ित सोहनलाल जाटव ने बताया- यह पत्र करीब 25 दिन पहले डाक से मिला था। चुनाव में माहौल न बिगड़े, इसलिए इस मामले को लेकर चुप रहा। अब 7 दिसंबर को सदर थाना पुलिस को शिकायत दी है।

सदर थानाधिकारी दिनेश मीना ने बताया- मामला सामने आने के बाद पुलिस ने IPC की धारा 385 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी के निर्देश पर सदर थाना पुलिस जांच कर रही है। मामला चिकानी में दुकानों पर दो पक्षों के अधिकार को लेकर है। लैटर में भी इन दुकानों का जिक्र है। चिकानी के अंबेडकर कॉलोनी ऊपला मोहल्ला निवासी टेलर सोहनलाल जाटव ने रिपोर्ट दी है

जिस दुकान के लिए धमकी मिली है वह टेलर ने बालाजी स्टेशनर्स को किराए पर दे रखी है।

जिस दुकान के लिए धमकी मिली है वह टेलर ने बालाजी स्टेशनर्स को किराए पर दे रखी है।

लिखा- सही कीमत लो और दुकान खाली कर दो

रिपोर्ट में बताया कि टेलर को धमकी भरा पत्र डाक के जरिए भेजा गया। पत्र में लिखा है कि सोहनलाल टेलर मेरी बात अच्छी तरह समझ लेना। तेरी दुकान मुसलमानों की जगह पर है। हमें पता लगा है कि यह जगह मुस्लिम भाइयों की है। आपने कब्जा किया है। यह नहीं चलेगा। अब तुमसे धैर्य से बोल रहा हूं। इस जगह की सही कीमत ले लो और खाली कर दो।

खाली नहीं करोगे तो पता होना चाहिए। मैं कौन हूं। पीएफआई आपको 31 दिसंबर तक का समय देता है। नहीं तो पीएफआई को दुनिया जानती है। एक रात में बम से सब नष्ट कर दूंगा। संभल जाओ।

ग्राम पंचायत से 52 साल पहले खरीदी थी दुकान

सोहनलाल ने बताया-मैंने 1971 में दुकान ग्राम पंचायत से खरीदी थी। पैसा जमा करा कर पट्टा लिया। उसके बाद रती मोहम्मद व अन्य से केस चला था। बाद में समझौता भी हो गया था। इसके बाद जमीन पर दुकान बना ली थी। कई साल इसी दुकान में टेलरिंग का काम किया। अब 6 महीने से बालाजी स्टेशनर्स को दुकान किराए पर दे रखी है। अब धमकी दी जा रही है कि दुकान पर मेरा कब्जा नाजायज है, इसका मुआवजा लो और खाली कर दो।

धमकी में पीएफआई का जिक्र किया गया है। कहा न मानने पर बम से उड़ाने की बात कही है। यह पत्र 13 नवंबर को डाकिया घर लाया था। पत्र पर बहादरपुर डाकघर की मुहर लगी थी। इस पर चिकानी डाकघर की मुहर नहीं थी, ऐसे में डाकिया वापस गया और चिकानी डाकघर की मुहर लगाकर लाया।

ये पत्र भेजकर बम से उड़ाने की धमकी।

ये पत्र भेजकर बम से उड़ाने की धमकी।

चुनाव के कारण मामला दबाया

सोहनलाल ने बताया- जिस समय लैटर मिला, उस वक्त चुनावी माहौल चल रहा था। माहौल नहीं बिगड़े इसलिए धमकी भरे पत्र के बारे में पुलिस को सूचना नहीं दी। इसके बाद विधानसभा चुनाव परिणाम आने का इंतजार किया। अब पुलिस को शिकायत दी है।

सोहनलाल के पड़ोसी ने कहा- सोहनलाल टेलर गांव के मुखिया हैं। इन्हें धमकी मिली है। इसकी जांच होनी चाहिए। इस लाइन में करीब 15 दुकानों को यह धमकी है। इन दुकानों का पट्‌टा 1977 का है। ग्राम पंचायत चिकानी से पट्‌टा मिला हुआ है।

हमने इस मामले में चिकानी ग्राम के पटवारी अभिषेक शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि अभी मामले की जानकारी नहीं है।

सरकार ने PFI पर 2022 में पांच साल का बैन लगाया

केंद्र सरकार ने पिछले साल 27 सितंबर को PFI और उससे जुड़े 8 संगठनों पर पांच साल का बैन लगाया था। गृह मंत्रालय ने इन संगठनों को बैन करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। संगठन के खिलाफ टेरर लिंक के सबूत मिले। केंद्र सरकार ने यह एक्शन UAPA के तहत लिया। सरकार ने कहा, PFI और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।

साल 2006 में मनिथा नीति पसाराई (MNP) और नेशनल डेवलपमेंट फंड (NDF) नामक संगठन ने मिलकर पॉपुलर फ्रंट इंडिया (PFI) का गठन किया था। ये संगठन शुरुआत में दक्षिण भारत के राज्यों में ही सक्रिय था, लेकिन फिर UP-बिहार समेत 23 राज्यों में फैल गया।

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