डोभाल को मिलेगा राजस्थान के तेजतर्रार IPS पंकज सिंह का साथ, मिली डिप्टी NSA की कमान,सेवानिवृत्त डीजी पंकज कुमार सिंह बने उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, NSCS ने की घोषणा !देखें आदेश

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*डोभाल को मिलेगा राजस्थान के तेजतर्रार IPS पंकज सिंह का साथ, मिली डिप्टी NSA की कमान,सेवानिवृत्त डीजी पंकज कुमार सिंह बने उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, NSCS ने की घोषणा*


बीएसएफ के सेवानिवृत्त डीजी पंकज कुमार सिंह को डिप्टी एनएसए (उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) नियुक्त किया हैं। राजस्थान कैडर के 1988 बैच के आइपीएस अधिकारी पंकज कुमार सिंह को दो साल के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया है।
बीएसएफ के सेवानिवृत्त डीजी पंकज कुमार सिंह को डिप्टी एनएसए (उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) नियुक्त किया हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के अनुसार राजस्थान कैडर के 1988 बैच के आइपीएस अधिकारी सिंह को दो साल के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया है। डीजी पंकज कुमार सिंह 31 दिसंबर, 2022 को बीएसएफ प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, राजस्थान कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह को पुन: रोजगार अनुबंध पर नियुक्त किया गया है।
पकंज कुमार सिंह ने पहले केंद्र सरकार के साथ छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर जनरल के पद पर काम किया है। उन्होंने दिल्ली में सीआरपीएफ मुख्यालय में आईजी (संचालन) के रूप में भी कार्य किया था। बीएसएफ डीजी बनने से पहले पंकज सिंह ने बीएसएफ में भी काम किया था। सूत्रों का कहना है कि ईस्टर्न फ्रंटियर के चीफ के रूप में उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम की सीमाओं के माध्यम से मवेशियों की तस्करी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी सक्रिय भूमिका से साल 2015 से 2021 के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी में 87% की गिरावट आई है।
*BSF की महिला सैनिकों को मोटरसाइकिल कलाबाजी दिखाने में किया था प्रोत्साहित*
पंकज सिंह जब बीएसएफ के डीजी बने थे तो उन्हें बीएसएफ क्षेत्राधिकार में विवादास्पद संशोधन पर बातचीत करनी पड़ी थी। बीएसएफ क्षेत्राधिकार को सीमा से 50 किमी तक बढ़ा दिया गया क्योंकि कई राज्यों ने इसका विरोध किया था। उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में बीएसएफ की महिला सैनिकों को मोटरसाइकिल की सवारी के कलाबाजी दिखाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बाद बीएसएफ की महिला मोटरसाइकिल सवारों ने देशव्यापी दौरा भी किया था।
*बीएसएफ के स्थापना दिवस मनाने को विचार किया था पेश*
राजस्थान के जैसलमेर में 2021 में उन्होंने बीएसएफ का स्थापना दिवस मनाने का विचार पेश किया था। तो वहीं उनके विचार ने सरकार को इतना प्रभावित किया कि सरकार ने अब सभी अर्धसैनिक बलों और यहां तक ​​कि सेना को भी दिल्ली से बाहर अपना स्थापना दिवस मनाने का निर्देश दिया है। बता दें कि बीएसएफ के सेवानिवृत्त डीजी पंकज कुमार सिंह के पास आईआईएम, अहमदाबाद से एमबीए के अलावा एलएलबी और एमफिल की डिग्री है।
*पिता भी रहे हैं बीएसएफ के मुखिया*
बता दें कि पंकज कुमार सिंह के पिता और 1959 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह भी जून 1993 से जनवरी 1994 तक बीएसएफ के मुखिया रहे हैं. वहीं प्रकाश सिंह को देश में पुलिस सुधारों का सूत्रधार कहा जाता है जिन्होंने 1996 में पुलिस महकमे में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.
सिंह की याचिका के बाद ही फैसला आया और सरकार ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख, सीबीआई, विदेश सचिव, रॉ प्रमुख और केंद्रीय गृह सचिव का कम से कम 2 साल का निश्चित कार्यकाल तय किया.
*1988 बैच के आईपीएस अधिकारी है सिंह*
सिंह केंद्र में कई अहम भूमिकाओं में रहे हैं जहां इससे पहले केंद्र सरकार के साथ छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के महानिरीक्षक और दिल्ली में सीआरपीएफ मुख्यालय में आईजी (संचालन) के रूप में कार्य किया था. वहीं उन्होंने दिल्ली में सीआरपीएफ मुख्यालय में आईजी (संचालन) के रूप में भी काम किया है.सिंह ने ईस्टर्न फ्रंटियर के चीफ के रूप में पश्चिम बंगाल और असम की सीमाओं के माध्यम से मवेशियों की तस्करी को कम करने में अहम भूमिका निभाई थी. बताया जाता है कि उनकी सक्रिय भूमिका के कारण ही 2015 से 2021 के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी में 87 फीसदी की कमी आई थी.

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