तुर्की में भूकंप पीड़ितों के राहत हेतु “ऑपरेशन दोस्त” भारत की उत्कृष्ट सेवा : डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव

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तुर्की में भूकंप पीड़ितों के राहत हेतु “ऑपरेशन दोस्त” भारत की उत्कृष्ट सेवा

6 फरवरी 2023 का दिन तुर्की में दुःखदाई।
तुर्की देश ने भूकंप से हजारों जानें भी गवाई।

मानव की सेवा करने भारत पहले आगे आया।
विश्व के विकसित देशों से भी बढ़ आगे पाया।

भूकंप से हुई तबाही में तुर्की का नं.1 हमदर्द बना।
पीछे रह गए विकसित देश भारत ये हमदर्द बना।

अब तक भारत ने अपनी 7वीं राहत खेप है भेजा।
भारतीय वायुसेना ने सामग्री तुर्की में खेप है भेजा।

आईएएफ सी17 ग्लोबमास्टर उड़के अदाना उतरा।
13टन मेडि.एड.24टन राहतसामग्री तुर्की में उतरा।

तुर्की और सीरिया के भूकंप पीड़ितों की सेवा करने।
वसुधैव कुटुंबकम की सोच से मानव की सेवा करने।

भारतीय राजदूत डॉ.वीरेंद्र पाल संग तुर्की अधिकारी।
राहत सामग्री की खेप हासिल करते तुर्की अधिकारी।

तुर्की विदेशमंत्रालय के अधिकारियोंने खेप की प्राप्त।
तुर्की के इस्केंडरन में 60पैरा फील्डहॉस्पिटल्स प्राप्त।

भूकंप राहत हेतु तुर्की को वेंटिलेटर मशीन भेजवाया।
अन्य उपकरणों दवाएं एनेस्थीसिया मशीन भेजवाया।

तुर्की में हिंदुस्तानी सेना के अस्पताल ये सेवा में आगे।
यह है भारत का दिल जो मानवता की सेवा मेंहै आगे।

प्रतिदिन 400-500घायल मरीजों का इलाज होता।
भारत की हमदर्दी सेवा राहत पाके वहाँ तारीफ होता।

अबतक तुर्की-सीरिया में भूकंप से 28हजार से ज्यादा।
मारे गए बेचारे व घायल भी इससे कई हजार हैं ज्यादा।

फर्स्ट भूकंप सीरियाई सीमा गजिंया टेप के पास आया।
इसकी तीव्रता 7.8 रिक्टर स्केल पर देखा और है पाया।

दूसरा भूकंप झटका 9 घंटे बाद ही वहाँ फिर है आया।
इसकी तीव्रता 7.6रिक्टर स्केल पर देखा और है पाया।

भूकंप ने तुर्की और सीरिया में ऐसी बड़ी तबाही मचाई।
दुनिया भर ने तुर्की को इस हाल में देखा तबाही मचाई।

इतनी बड़ी संख्या में जान माल की हुई है कैसी बर्बादी।
इस त्रासदी बाद बचाव कर्मी लगे हैं जां बचायें आबादी।

लाखों लोग बेघर हो गए सड़कों पर हैं जीने को मजबूर।
विनाशकारी भूकंप तो इतनी जानें लीलीं सब हैं मजबूर।

डब्लूएचओ के अनुसार 26 मिलियन आबादी प्रभावित।
यूएन राहत चीफ मार्टिन ग्रिफिथ्स कहते और प्रभावित।

मरने वालों की सही तादाद का अंदाजा अभी है मुश्किल।
संख्या बढ़ सकती है 50सों हजार पहुँचे ये नहीं मुश्किल।

परमेश्वर से है मेरी यही प्रार्थना अब अपना रहम दिखाए।
अब ऐसी दर्दनाक घटना न कहीं किसी देश पर भी आए।

भारत की दरियादिली एवं सेनाओं द्वारा मानव की सेवा।
“वसुधैव कुटुंबकम”की सोच दुःख में है डूबों की ये सेवा।

भारत की रहमदिली से तुर्की में हो रही है जय जय कार।
पीड़ित मानवता की सेवा भी करती है ये भारत सरकार।

हमें गर्व है हम सब भी भारत के एक अच्छे नागरिक हैं।
हिन्दू धर्म संस्कृति के रक्षक मानवता पूर्ण नागरिक हैं।

रचयिता :

डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव
प्रतापगढ़,उत्तर प्रदेश

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