दुबई के बिल्डर को ED के 3 फर्जी नोटिस:दिल्ली ऑफिस पहुंचा तो झूठ का पता चला, सीकर से ही स्पीड पोस्ट किए गए

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दुबई के बिल्डर को ED के 3 फर्जी नोटिस:दिल्ली ऑफिस पहुंचा तो झूठ का पता चला, सीकर से ही स्पीड पोस्ट किए गए

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सीकर निवासी दुबई के एक बिल्डर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक साथ तीन नोटिस मिले। तीनों नोटिस एक ही स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे गए थे। दो नोटिस ईडी ऑफिस में पेश होने के थे और एक नोटिस सर्च वारंट का था। नोटिस देख बिल्डर घबरा गया। जब ईडी के दिल्ली स्थित ऑफिस पेश होने के लिए पहुंचे तो पता चला कि भेजे गए नोटिस फर्जी हैं। इसके बाद उद्योग नगर थाने में मामला दर्ज करवाया है।

पुलिस को दी शिकायत में बिल्डर बनवारीलाल जांगिड़ ने बताया कि वह 17 नवंबर को दुबई से सीकर लौटे थे। यहां उनके परिवार में शादी का कार्यक्रम था। करीब 1 महीने बाद 19 दिसंबर को ईडी के नोटिस मिले। जिसमें उन्हें दिल्ली ऑफिस में पेश होने की बात कही गई। जब उन्होंने ऑफिस जाकर पता किया तो सामने आया कि उन्हें भेजे गए नोटिस फर्जी है। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दी।

पीड़ित बिल्डर बनवारीलाल जांगिड़।

तीनों नोटिस एक साथ मिले
पीड़ित बनवारी लाल जांगिड़ ने बताया कि 19 दिसंबर को उन्हें तीनों नोटिस एक ही स्पीड पोस्ट के लिफाफे में मिले। जिनमें 2 नोटिस विदेशी मुद्रा अधिनियम के तहत कार्रवाई के चलते ईडी ऑफिस में पेश होने और एक इंट्रोगेशन,सर्च वारंट का था। दो दिनों तक तो वह मानसिक रूप से परेशान रहे। इसके बाद 21 अक्टूबर को उन्होंने ईडी ऑफिस पहुंचकर जानकारी जुटाई तो पता चला कि उन्हें भेजे गए नोटिस फर्जी हैं।

बिल्डर को भेजा गया ईडी का फर्जी नोटिस।

बिल्डर को भेजा गया ईडी का फर्जी नोटिस।

सीकर से ही किया गया पोस्ट
बनवारी लाल जांगिड़ ने बताया कि जब उन्होंने स्पीड पोस्ट के लिफाफे पर देखा तो वह 15 दिसंबर को दोपहर 3:57 पर सीकर से ही स्पीड पोस्ट किया गया था। जिसका पेमेंट भी नकद में हुआ है। जबकि स्पीड पोस्ट के लिफाफे पर नीचे भेजने वाले का नाम ईडी निदेशालय लिखा हुआ था।

स्पीड पोस्ट सीकर में मुख्य पोस्ट ऑफिस से ही किया गया था।

स्पीड पोस्ट सीकर में मुख्य पोस्ट ऑफिस से ही किया गया था।

एड्रेस भी डॉक्यूमेंट्स में नहीं
बनवारी लाल जांगिड़ ने बताया कि उनका परमानेंट एड्रेस कटराथल गांव का है, लेकिन उन्हें जो स्पीड पोस्ट भेजा गया वह साकेत सिटी सीकर का भेजा गया। बनवारी लाल के मुताबिक उन्हें शक है कि किसी ने उनसे रुपए ऐंठने के लिए यह हरकत की है। सीकर के एडवोकेट पुरुषोत्तम शर्मा के अनुसार ऐसे मामलों में पीड़ित तो पुलिस में मामला दर्ज करवाता ही है। इसके अतिरिक्त ईडी भी अलग से पुलिस में मामला दर्ज करवा सकती है।

सीकर में ऐसा पहला मामला
सीकर में ऐसा पहला मामला है जब किसी संवैधानिक संस्था का फर्जी नोटिस बदमाश द्वारा भेजा गया हो। फिलहाल उद्योग नगर पुलिस मामले में आरोपी की तलाश में जुटी है। पुलिस डाकघर के सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान करने में लगी हुई है।

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