पंचतत्व में विलीन हुई सुर कोकिला लता

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सुरों की देवी आज गई सुरलोक की अंतहीन यात्रा पर लता दीदी के अंतिम दर्शनों के लिए PM दिल्ली से गए मुंबई, लता दीदी के पार्थिव देह की परिक्रमा कर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, PM मोदी से पहले देश में हुए हैं 15 PM, संयोग देखिए देश के प्रथम PM से मौजूदा PM “लता के सुरों के मुरीद, पंडित नेहरु से मोदी तक सभी PM रहे लता मंगेशकर के फैन, जवाहर लाल नेहरु से लेकर इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी और मोदी तक लता ने सभी को अपनी सुरीली आवाज के जादू में रखा बांधकर, इंदिरा से वाजपेयी और मोदी तक सबकी फेवरेट थी लता दीदी तो कितनी बड़ी थी लता मंगेशकर की शख्सियत नेहरु से मोदी तक… सबको जोड़ने वाली कड़ी आज टूट गई, “ऐ मेरे वतन के लोगों 27 जनवरी 1963 को गाया गया था दिल्ली के रामलीला मैदान में, यह गीत उन सैनिकों की याद में लिखा था जो 1962 के भारत-चीन युद्ध में हुए थे शहीद, उस वक्त PM जवाहर लाल नेहरु थे उस समय गीत गाने के दौरान, उनकी आंखों से बहे थे आंसू, उस दौरान रामलीला मैदान में मौजूद ज्यादातर लोंगों के बहे थे आंख से आंसू, जवाहर लाल नेहरु को रुला देने वाली आवाज आज अमर हो गई, नरेंद्र भाई मोदी को राखी भेजने वाली लता दीदी आज हो गई अलविदा आयरन लेडी इंदिरा गांधी के लता मंगेशकर सबसे बड़े कद्रदानों में थी शामिल तो अटल बिहारी वाजपेयी का लता से रिश्ता था कविता वाला, नरेंद्र मोदी जब PM बने तब इंडिया गेट पर हुआ था लता दीदी का सम्मान, “ऐ मेरे वतन के लोगों” गाने को 51 वर्ष पूरे होने पर PM मोदी ने किया था स्वागत तब PM नरेंद्र मोदी ने कहा था-“अगर प्रदीप जी ने यह गीत लिखा ना होता और लता दीदी ने यह गाया ना होता तो क्या 1962 की लड़ाई हमें याद होती, वो वीर शहीद हमें याद होते, इस गीत ने जो सबसे बड़ी सेवा की है वो यह है कि-“वो गीत जिंदा है वो हर शहीद जिंदा है”

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