पंचायती राज विभाग के शासन सचिव श्री नवीन जैन ने पंचायती राज और जल ग्रहण विकास विभाग की योजनाओं की ली समीक्षा बैठक

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योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन हो सुनिश्चित
पंचायती राज विभाग के शासन सचिव ने ली बैठक
बीकानेर, 16 दिसंबर।
पंचायती राज विभाग के शासन सचिव श्री नवीन जैन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायती राज और जल ग्रहण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक ली।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी प्रत्येक योजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को इनका पर्याप्त लाभ मिल सके। उन्होंने विभिन्न योजनाओं में कम प्रगति वाले पंचायत समिति क्षेत्रों को पूर्ण गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए और कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ओडीएफ प्लस गांवों की जानकारी ली तथा न्यून प्रगति वाली तीन-तीन ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर इन योजनाओं की नियमित समीक्षा हो। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन की समीक्षा की तथा गांवों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य प्राथमिकता से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन 47 गांवों में आरआरसी बन गई है, उनमें डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के बारे में जाना और कहा कि इनका उपयोग हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
शासन सचिव जैन ने 15वां वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग षष्ठम की भौतिक प्रगति की समीक्षा की। ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय निर्माण प्रगति की जानकारी ली तथा पुस्तकालय निर्माण के कार्य प्राथमिकता से करवाने के निर्देश दिए, जिससे युवाओं को इनका लाभ हो सके। उन्होंने ग्राम पंचायत और पंचायत समिति के सहयोग से तैयार हो रहे मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति के बारे में जाना। उन्होंने नवसृजित पंचायत समिति भवनों के निर्माण और इनमें आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली। उन्होंने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत ग्राम पंचायत मरम्मत और नवीन ग्राम पंचायत भवन निर्माण, ई ग्राम स्वराज पंचायत विकास प्लान, ऑनलाइन ऑडिट, नेशनल पंचायत अवॉर्ड और राजीव गांधी जल संचय योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत बन रही जल संरचनाओं का नियमित उपयोग हो, इसके मद्देनजर इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 28 में से 25 पुस्तकालय निर्माण की वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। उन्होंने जिले में चल रहे सजग आंगनबाड़ी अभियान के बारे में बताया।
इस दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नित्या के. सहित विभिन्न अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

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