पशु पोषण एवं स्वास्थ्य की अभिनव तकनीकें एवं भविष्य दृष्टिकोण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

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पशु स्वास्थ्य से समझौता करके शुद्ध पशु उत्पादों की परिकल्पना
संभव नहीं: कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित

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बीकानेर 24 सितम्बर। वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर एवं राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान (मैनेज), हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में “पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य की अभिनव तकनीकें एवं भविष्य दृष्टिकोण” विषय पर मंगलवार से ऑनलाइन मोड पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि देश में बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण पशु आधारित खाद्य पदार्थों की मांग हमेशा से ही रही है। पशु स्वास्थ्य से समझौता करके शुद्ध पशु उत्पादों की परिकल्पना नहीं कर सकते। मानव एवं पशुओं में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप भी हमारे लिए बहुत बडी चुनौती है। एकल स्वास्थ्य दृष्टिकोण, कृषि एवं पशुपालन विषयों पर समेकित शोध पर फोकस करके एवं नवीन अन्वेषकों एवं तकनीकों को हस्तांतरण से हम इन चुनौतियों का समाधान कर सकते है तथा उत्तम मानव एवं पशु स्वास्थ्य समाज को प्रदान कर सकते है। हमें भविष्य की आवश्यकताओं, संसाधनों एवं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नवीन अनुसंधानों एवं तकनीकों को विकसित करना होगा। प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. राजेश कुमार धूड़िया ने कहा कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान देश के ख्याति प्राप्त आई.सी.ए.आर. इंस्टीट्यूट एवं विश्वविद्यालयों के विषय विशेषज्ञ पशु स्वास्थ्य एवं पशु पोषण के विभिन्न पहलुओं पर पशुचिकित्सकों, प्रसार कार्यकर्त्ताओं वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों को व्याख्यान प्रदान करेंगे। जिनमें भारत में पशु आहार सुरक्षा और गुणवत्ता मूल्यांकन, पशु खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता, पोस्ट बायोटेक, परिशुद्धता फीडिंग, पशु प्रजनन एवं उत्पादन में खाद्यान्न का महत्व, पोल्ट्री पोषण में प्रगति और भविष्य की दिशाएं, खाद्य अपशिष्ट का नवीन पशु आहार रणनीतियों के प्रबंधन, कृषि प्रसार में आधुनिकता आदि विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किये जायेंगे। देश भर के लगभग 200 प्रतिभागी इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे है। राष्ट्रीय संस्थान मैनेज हैदराबाद के उप-निदेशक डॉ. साहजी फंड ने बताया कि नई तकनीकों, प्रसार विधियों की जानकारी प्रदान करने हेतु इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के अन्य विश्वविद्यालय एवं आई.सी.ए.आर. केन्द्रों पर भी चलाए जा रहे है ताकि देश भर के पशुपालकों को पशुपोषण, स्वास्थ्य, विपणन आदि में नई दशा एवं दिशाओं की जानकारी प्राप्त हो सकें। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के डीन-डायरेक्ट, शिक्षक एवं विद्यार्थी भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

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