पाकिस्तान में पढ़ने वाला इंडियन स्टूडेंट हिजबुल आतंकी निकला:आर्मी से जुड़ी सेंसिटिव इंफार्मेशन पाकिस्तान को मुहैया कराता था, पिता भी आतंकी

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

*पाकिस्तान में पढ़ने वाला इंडियन स्टूडेंट हिजबुल आतंकी निकला:आर्मी से जुड़ी सेंसिटिव इंफार्मेशन पाकिस्तान को मुहैया कराता था, पिता भी आतंकी*

*REPORT BY SAHIL PATHAN*

जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने एक पाकिस्तानी संस्थान में दाखिला लेने वाले इंडियन स्टूडेंट और उसके पिता समेत 3 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आतंकवाद रोधी कानून के तहत डोडा जिले के कश्तीगढ़ निवासी छात्र आसिफ शाबीर नाइक, उसके पिता शब्बीर हुसैन नाइक और सफदर हुसैन के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है।
ये सभी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े हुए हैं। शब्बीर के फोन की फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि उसने बारामूला-श्रीनगर रोड पर सैन्य प्रतिष्ठानों की वीडियोग्राफी की थी। वहीं, हवाईअड्डे तक पहुंचने के रास्ते और उससे सटे सुरक्षा स्थलों की तस्वीरें भी खींची थीं।

*पिता भी हिजबुल आतंकी*
जांच से पता चलता है कि आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने नाइक को बचाने के लिए उसे स्टूडेंट के तौर पर दिखाया। पाकिस्तान में रहने के दौरान शब्बीर ने अपने पिता से भी मुलाकात की, जो खुद हिजबुल की मीडिया यूनिट का प्रमुख है। शब्बीर ने पाकिस्तान में टेरर एक्टिविटी के लिए ट्रेनिंग भी ली।
आसिफ शब्बीर को इस्लामाबाद में इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी में मासकॉम का स्टूडेंट दिखाया गया, लेकिन वह हिजबुल की मीडिया यूनिट में काम कर रहा था। इनमें से शब्बीर और सफदर फिलहाल पाकिस्तान में हैं। शब्बीर को श्रीनगर एयरपोर्ट पर खुफिया सूचना के आधार पर पकड़ा गया था।

*आतंकियों से मिलने पाकिस्तान दौरा करता था*
अधिकारियों ने कहा कि वह पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि आतंकवादियों से मिलने और उनके ट्रेनिंग सेंटर का दौरा करने के लिए पाकिस्तान जाता रहा है। SIA के सीनियर अफसरों के मुताबिक, पाकिस्तानी एजेंसियां ​​वैध ट्रैवल डाक्यूमेंट्स के आधार पर वहां जाने वाले भारतीय छात्रों का भी गलत कामों के लिए इस्तेमाल कर रही हैं।

*विध्वंसक गतिविधियों का भी प्रशिक्षण*
अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा उसे विध्वंसक गतिविधियों का भी प्रशिक्षण भी दिया गया. उन्होंने बताया कि उसके फोन की फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि उसने बारामूला-श्रीनगर मार्ग पर सैन्य प्रतिष्ठानों की वीडियोग्राफी की थी. अधिकारियों ने कहा कि उसने हवाईअड्डे तक पहुंचने के रास्ते और उससे सटे सुरक्षा स्थलों की तस्वीरें भी खींची थीं.
उन्होंने कहा कि नाइक को आगंतुक वीजा जारी किया गया था, लेकिन आव्रजन रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि वह एक छात्र था. अधिकारियों ने कहा कि नाइक को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है, जबकि दो अन्य आरोपी मास्टरमाइंड शब्बीर हुसैन नाइक और उसका सहयोगी सफदर हुसैन पाकिस्तान में छिपे हैं तथा उनके खिलाफ भगोड़े के रूप में आरोपपत्र दायर किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, जांच से पता चला कि नाइक ने यह बात छिपाई थी कि उसका पिता पाकिस्तान में है और आतंकवादी समूह का एक वरिष्ठ सदस्य है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जनसंचार पाठ्यक्रम में एक छात्र के रूप में नाइक के प्रवेश का उद्देश्य पत्रकार के रूप में भारत लौटना और फिर इसके बाद व्यवस्था में गुप्त रूप से शामिल होना तथा दुष्प्रचार करने, अलगाववाद, हिंसक आतंकवादी कार्रवाइयों की योजना, समन्वय और उनके निष्पादन के लिए सीमा पार से निर्देश प्राप्त करना था. उई

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories: ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!