पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों, कोंकण-गोवा और तटीय तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी मॉनसून वर्षा होने के आसार: : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र अनुसार:

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16 जून (प्रथम दिवस) :♦पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों, कोंकण और गोवा और तटीय तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक,केरल और माहे तथा तमिलनाडु के घाट क्षेत्रों में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह औरतेलंगाना में बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने तथा तेज़ रफ्तार से हवाएँ चलने की संभावना है। हवाओं की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और गुजरात में एक-दो स्थानों पर बिजली गिरने की गतिविधियां हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ़्तार से हवाएँ चलने और गर्जना के साथ आँधी आने की आशंका है।
पश्चिम बंगाल,ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के तटीय भागों तथा इससे सटे बंगाल की खाड़ी के उत्तरी और मध्य भागों के ऊपर मौसम में व्यापक हलचल रहेगी। इन क्षेत्रों पर 40 से 50 किमी प्रतिघण्टे की गति से हवाएँ चलने की आशंका है। कुछ समय के लिए हवाओं की गति 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। मन्नार की खाड़ी और केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र तथा गुजरात के तटीय भागों के पास भी हावाओं की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। अरब सागर के अधिकांश भागों में हवाओं की गति 45 से 55 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। इसके कारण समुद्र में हलचल अधिक होगी अतः मछुआरों को समुद्र से अभी दूर रहना चाहिए।

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