NATIONAL NEWS

प्रतिवर्ष 10 लाख लोग नशे के कारण गंवाते हैं जान:: मनसा’ के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

*प्रतिवर्ष 10 लाख लोग नशे के कारण गंवाते हैं जान**‘मनसा’ के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित*बीकानेर, 25 फरवरी। ‘प्रतिवर्ष 10 लाख लोग नशे के कारण अपनी जान गवाते है। नशा 60 से 70 प्रतिशत बीमारियों का कारण बनने लगा है। ऐसा कोई अंग नहीं जो नशे से प्रभावित नहीं होता। महिलाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति सबसे अधिक चिंताजनक है।’मिशन अगेंस्ट नारकोटिक सब्सटेंस एब्यूज (मनसा) के तहत शुक्रवार को सीएडी सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी। कार्यशाला के मुख्य अतिथि अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ए. एच. गौरी थे। उन्होंने कहा कि नशा बड़ी सामाजिक बुराई के रूप में सामने आया है। नौजवान इससे सबसे अधिक त्रस्त हैं। संभाग के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में नशाखोरी परवान पर है तथा चूरू और बीकानेर भी इसकी गिरफ्त में आ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज को नशाखोरी के इस दंश से बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति जिले में नशे के विरुद्ध चल रहे इस अभियान की गंभीरता समझे तथा स्वयं नशा नहीं करने के साथ-साथ दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए लिए प्रेरित करे।अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) अरुण प्रकाश शर्मा ने कहा कि नशा समाज के लिए बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए सभी को एकजुट होगा तथा प्रयास होंगे कि नशा मुक्ति का यह संकल्प प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि इसके लिए सामाजिक स्तर पर चेतना की जरूरत है। सामाजिक कार्यों से जुड़ी संस्थाएं भी इसमें अपनी भागीदारी निभाएं।जागरूकता अभियान के समन्वयक राजेंद्र जोशी ने बताया की ‘मनसा’ के प्रथम चरण में 23 मार्च तक जागरूकता की विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों, उद्योगपतियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, बैंकर्स, खिलाड़ियों सहित प्रत्येक वर्ग को इससे जोड़ा जा रहा है, जिससे इसे जन-जन का आंदोलन बनाया जा सके। उन्होंने अब तक आयोजित गतिविधियों तथा भावी कार्य योजना के बारे में बताया।इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक की शारदा चौधरी, सहायक निदेशक (कॉलेज शिक्षा) डॉ राकेश हर्ष तथा सहायक निदेशक (जनसंपर्क) हरि शंकर आचार्य ने भी विचार व्यक्त किए।मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राजकुमार शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को बाल्यकाल से ही ऐसी शिक्षा दें, जिससे बच्चे नशे से दूर रहें। जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर मोदी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव कारण और बचाव पर प्रस्तुतीकरण दिया।*पोस्टर का किया विमोचन*इस दौरान अतिथियों ने कबीर विकलांग एवं अनाथ सेवा समिति द्वारा नशाखोरी के विरुद्ध तैयार किए गए बैनर का विमोचन किया। समिति के मांगीलाल भद्रवाल ने बताया कि संस्था द्वारा विभिन्न स्थानों पर यह बैनर चस्पा किए जाएंगे। इस दौरान अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने ‘नशा न करने और न करने देंगे’ की शपथ दिलाई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल. डी. पंवार ने आगंतुको का आभार जताया।इस दौरान सीएडी के वित्त नियंत्रक संजय धवन, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) सुरेंद्र सिंह भाटी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) अनिल अग्रवाल, राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जीपी सिंह, शिक्षाविद् ओमप्रकाश सारस्वत सहित अनेक विभागों के गणमान्य नागरिक एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
error: Content is protected !!