प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना- चयनित गांवों में संवेदनशीलता के साथ विकास कार्यों को तत्परता से पूर्ण करे

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जयपुर, 22 मार्च। मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अन्तर्गत आने वाले गांवों में संवेदनशीलता के साथ विकास कार्यों को तत्परता से पूर्ण करें। श्रीमती शर्मा मंगलवार को शासन सचिवालय में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के सफल संचालन, प्रभावी क्रियान्वयन, मोनिटरिंग एवं निगरानी हेतु गठित राज्य संचालन सह मॉनिटरिंग समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।

मुख्य सचिव ने कहा कि PMAGY के अन्तर्गत चयनित ग्रामों में रहने वाले अनुसूचित जाति के सदस्यों की आवश्यकताओं को देखते हुए वहां पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा तथा ग्रामीण सड़कों के निर्माण जैसे विकास कार्यों को प्राथमिकता से लें।

मुख्य सचिव ने इसके लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती अपर्णा अरोरा को निर्देश दिये कि जिलों के मुख्यकार्यकारी अधिकारियों के साथ क्लोज मॉनिटरिंग करें। उन्होंने योजनान्तर्गत शेष रहे 1126 कार्यों को शीघ्रतीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि पिछड़े हुए गांवों को इस योजना के अन्तर्गत मिलने वाली राशी का समय रहते पूरा उपयोग किया जाना चाहिए।

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव ड़ॉ. समित शर्मा ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की राज्य में जिलेवार प्रगति के रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि योजना के द्वितीय चरण में 500 या 500 से अधिक जनसंख्या वाले ऐसे 1 हजार 241 गांवों को लिया गया है जहां 50 प्रतिशत या उससे अधिक अनुसूचित जाति की जनसंख्या निवास करती है।

बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती अपर्णा अरोरा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक श्री ओ.पी. बुनकर, अतिरिक्त निदेशक श्री डी.बी. गुप्ता सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया।


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