बाल विवाह गैर जमानती व सङ्गेय अपराध

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बीकानेर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशनुसार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बाल विवाह रोकथाम के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर छात्र छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल सदस्य पीएलवी श्रेयांस बैद ने कहा कि बाल विवाह करवाने वाले अभिभावक माता-पिता, पुजारी/ मौलवी,दोनों तरफ के रिश्तेदार/परिचित,पड़ोसी, दूल्हा जिसकी उम्र 18 साल से अधिक हो,बैंड बाजा, हलवाई,प्रिंटिंग प्रेस, नाइ,फोटोग्राफर,टैंट, घोड़ी, बराती,घराती,सहित विवाह में सम्मिलित सभी व्यक्ति 2 साल की सजा व 1 लाख के जुर्माने के हकदार होतें हैं बाल विवाह गैर जमानती व सङ्गेय अपराध है । बाल विवाह स्वंय की सूझबूझ से रोके जा सकते हैं । शाला प्रिंसिपल पूनम गहलोत्रा सहित ,तोलाराम जीनगर,भावना इत्यादि ने विचार रखें ।

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