राजू ठेहट हत्याकांड में आरोपी रोहित गोदारा गैंग के तीन इनामी हार्डकोर नासिक महाराष्ट्र से गिरफ्तार: बीकानेर पुलिस की बड़ी कामयाबी
बीकानेर। बीकानेर पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग के तीन इनामी हार्डकोर गुर्गों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार अभियुक्त कमल डेलू व श्रवण सिवर की गिरफ्तारी पर पुलिस मुख्यालय, जयपुर के द्वारा एक-एक लाख रूपये का ईनाम घोषित किया गया था। ये तीनों पुलिस मुख्यालय व बीकानेर, सीकर, जोधपुर में वांछित व ईनामी अपराधी हैं। गिरफ्त में आए तीसरे अभियुक्त विजयपाल पर महानिरीक्षक पुलिस बीकानेर रेंज, बीकानेर के द्वारा 40 हजार रूपये का ईनाम घोषित किया गया था।

इस फ्लैट में रहते थे


राजू ठेहट की हत्या करवाने के लिये इन मुल्जिमों ने हथियार सप्लाई किए थे। ये राज्य के चार अलग-अलग जिलों में दर्ज प्रकरणों में वांछित अपराधी हैं। जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने आज इस संदर्भ में पत्रकार वार्ता आयोजित कर बताया कि इन गिरफ्तार-शुदा अभियुक्तों पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दर्जनों प्रकरण दर्ज है। राजू ठेहट की हत्या के बाद ये मुल्जिम पुलिस से बचने के लिये बहुत
शातिर तरीके से हाई तकनीक का इस्तेमाल करते थे। तकनिकी सहयोग से छिप रहे वांछित अपराधियों को साईबर सैल ने लगातार आठ महीने तक कड़ी मेहनत कर गिरफ्त में लिया है। उन्होंने बताया कि लॉरेंस गैंग के सक्रिय सदस्य रोहित गोदारा के कहने पर कमल डेलू व
श्रवण सिंवर ने प्रथम दृष्टया पूछताछ में राजू ठेहट प्रकरण में एके-47 जैसे हथियार सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
उन्होंने बताया कि इन मुल्जिमों द्वारा हाई तकनीक का इस्तेमाल कर इंटरनेट पर फेक एप्लीकेशन कॉलिंग ऐप्प से रोहित गोदारा गैंग से जुड़े थे व इस ईन्टरनेट एप्लीकेशन द्वारा किसी भी वारदात की कार्ययोजना बनाते व अंजाम देते थे। इस हाई तकनीक ईन्टरनेट पर फेक एप्लीकेशन एप के जरिये बदमाशों तक पंहुचने में बीकानेर पुलिस को बडी चुनौती का सामना करना पड़ा। आठ महीने की कडी मेहनत करते हुये साईबर सैल ने उक्त मुल्जिमों के तकनिकी तथ्य प्राप्त किये, इन तथ्यों के आधार पर गठित पुलिस टीम द्वारा अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। इस टीम ने पुलिस अधीक्षक के सुपरविजन में श्री वेदपाल पु.नि. थानाधिकारी पुलिस थाना नयाशहर श्री महेन्द्रदत थानाधिकारी पुलिस थाना बीछवाल, श्री संजयसिंह उनि थानाधिकारी पुलिस थाना कोतवाली, श्री दीपक यादव हैडकानि, श्री दिलीपसिंह हेड कांस्टेबल की टीम का गठन कर
उक्त तीनों अभियुक्तगणों को नासिक महाराष्ट्र में एक इनपुट ट्रेस कर दस्तयाब कर लिया।
मुल्जिम कमल डेलू श्रवण सीवर व विजयपाल के दौराने पूछताछ में सामने आया है कि घटना करने के बाद इन्होंने अपना हुलिया व नाम बदलकर भारत व नेपाल में फरारी काटी, भारत में कर्नाटक, तमिलनाडू, दिल्ली, गोवा, पंजाब, पुणे, मुम्मबई, नासिक, फलौदी, जोधपुर, बज्जू, रणजीतपुरा में हूलिया बदलकर रह रहे थे व काफी दिनों से नासिक में किराये फलैटों में फरारी काट रहे थे व अपना हुलिया बदलकर बाल कटवाकर नाम बदलकर एक घर में रह रहे थे व पुलिस से बचने के लिये पूरे दिन घर में छूपे रहते थे। इन बदमाशों को पकड़ने के लिये पुलिस ने भी अपना हुलिया बदलकर उक्त कॉलोनी में एक-एक घर चिन्हित कर मुल्जिमों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।मामले में साईबर सैल के हैडकानि दीपक यादव, दिलीपसिंह हैडकानि व राजूराम गुर्जर कानि के विशेष पदोन्नति के प्रस्ताव मुख्यालय भिजवाये गए हैं।



















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