बीकानेर में मौसम की पहली शीतलहर:साल के अंतिम दिनों में शीतलहर की चपेट में आया बीकानेर, कोहरे से विजिबिलिटी कम हुई

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बीकानेर में मौसम की पहली शीतलहर:साल के अंतिम दिनों में शीतलहर की चपेट में आया बीकानेर, कोहरे से विजिबिलिटी कम हुई

बीकानेर

बीकानेर के नापसर रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह कोहरे का असर दिखाई दिया। फोटो : विनोद दाधीच (नापासर) - Dainik Bhaskar

बीकानेर के नापसर रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह कोहरे का असर दिखाई दिया। फोटो : विनोद दाधीच (नापासर)

सर्दी के इस मौसम में पहली बार बीकानेर शीतलहर की चपेट में है। शुक्रवार शाम से शुरू हुई ठंडी हवा ने रविवार सुबह तक कोहरे के रूप में बीकानेर को घेर लिया। मुख्य मार्गों पर विजिबिलिटी शून्य के आसपास पहुंच गई है, जिससे भारी वाहनों का आवागमन कम हो गया है। मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बीकानेर में आमतौर पर बीस दिसम्बर के बाद सर्दी तेज हो जाती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। कोहरा और तापमान में कमी का इंतजार शुक्रवार शाम को खत्म हुआ। शाम को शुरू हुई ठंडी हवाओं ने घरों में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया। तापमान में अब लगातार कमी आ रही है। दो पहले न्यूनतम तापमान साढ़े नौ डिग्री सेल्सियस था, जो शुक्रवार की रात घटकर 8.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। न सिर्फ तापमान गिरने का असर दिख रहा है, बल्कि शीतलहर ने सर्दी को ज्यादा घातक बना दिया है।

मुख्य मार्गों पर वाहनों का आवागमन कम हो गया है, वहीं सर्दी के कारण सुबह वॉक करने वाले भी देरी से बाहर आए। शनिवार सुबह सात बजे तक कोहरा और शीत लहर के कारण सड़कें सूनी नजर आई। नेशनल हाइवे पर ट्रक भी कम चले। शुक्र है कि कोहरे के कारण अब तक कहीं से हादसे की खबर नहीं है। आमतौर पर कोहरे के कारण श्रीडूंगरगढ़ सहित कई क्षेत्र नेशनल हाइवे क्षेत्रों में हादसे होते हैं। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में सर्दी का असर और बढ़ सकता है। बीकानेर संभाग में कहीं भी बारिश होने की आशंका नहीं है। कोहरा और धूंध संभाग के चारों जिलों में रह सकता है।

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