बीसीसीआई प्रेसिडेंट से हटते ही गांगुली ने तोड़ी चुप्पी, हमेशा के लिए कोई एक पद पर नहीं रह सकता

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बीसीसीआई प्रेसिडेंट से हटते ही गांगुली ने तोड़ी चुप्पी, हमेशा के लिए कोई एक पद पर नहीं रह सकता

भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी BCCI के अध्यक्ष पद से सौरव गांगुली को हटा दिया गया है. 

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी BCCI के अध्यक्ष पद से सौरव गांगुली को हटा दिया गया है. उनकी जगह 1983 विश्वकप विजेता टीम के सदस्य रहे रोजर बिन्नी होंगे. खबर है कि रोजर बिन्नी ने अपना नामांकन भी दायर कर दिया है और उनके निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना भी पूरी है. बीसीसीआई के प्रेसिडेंट पद से हटने के बाद सौरव गांगुली की पहली बार दर्द छलका और कहा कि हर कोई किसी एक पद पर हमेशा नहीं रह सकता.

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व प्रेसिडेंट गांगुली ने बताया कि मैं लंबे समय से एक प्रशासक की भूमिका में रहा हूं और मैं किसी और चीज पर आगे भी काम करता रहूंगा. आप हमेशा के लिए ना तो खिलाड़ी रह सकते और ना ही प्रशासक हो सकते हैं.  उन्होंने कहा कि हमेशा के लिए कोई एडमिन या स्पोर्ट्स मैन नहीं हो सकता. चाहे वह एक खिलाड़ी के रूप में हो या एक प्रशासक के रूप में.

एक दिन में सचिन तेंदुलकर या नरेंद्र मोदी नहीं बनते- गांगुली

सौरव गांगुली एक इवेंट में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कि हर किसी को अरसे समय तक बने रहने के लिए काम करने होते हैं. जैसे आप एक दिन में सचिन तेंदुलकर या नरेंद्र मोदी नहीं बनते हैं. इसके लिए आपको हर दिन काम करना पड़ता है. 

गांगुली ने तीन साल के कार्यकाल को बताया शानदार

50 साल के गांगुली ने कहा कि वह आगे बड़ा काम करना चाहते हैं. पिछले तीन साल के कार्यकाल के बारे में उन्होंने कहा कि मैं बीसीसीआई का अध्यक्ष रहा, लेकिन मेरे लिए प्लेयर वाली लाइफ बेहतरीन थी, वो 15 साल काफी यादगार थे. हालांकि उन्होंने कहा कि अगर आप भारतीय क्रिकेट में पिछले तीन सालों को देखें तो कई अच्छी चीजें हुई हैं. 

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