भारत की बेरोजगारी दर तेजी से गिरकर 6.57 प्रतिशत पर, मार्च 2021 के बाद सबसे कम- CMIE

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मुंबई: ओमीक्रोन संक्रमण के मामले घटने के बीच अंकुशों में ढील के बाद भारत की बेरोजगारी दर जनवरी, 2022 में घटकर 6.57 प्रतिशत पर आ गई है जो मार्च, 2021 के बाद का न्यूनतम स्तर है. अर्थव्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने वाली गैर-सरकारी संस्था सीएमआईई ने बुधवार को जनवरी के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि इस महीने में बेरोजगारी दर में खासी गिरावट देखी गई है और यह घटकर 6.57 प्रतिशत पर आ गई. हालांकि, शहरी भारत में बेरोजगारी दर अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है.

जनवरी में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 8.16 प्रतिशत रही जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 5.84 प्रतिशत दर्ज की गई:

सीएमआईई ने कहा कि जनवरी में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 8.16 प्रतिशत रही जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 5.84 प्रतिशत दर्ज की गई. इसके पहले दिसंबर, 2021 में कुल बेरोजगारी दर 7.91 प्रतिशत आंकी गई थी जिसमें शहरी क्षेत्र की दर 9.30 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र की दर 7.28 प्रतिशत रही थी.जनवरी में सबसे कम बेरोजगारी तेलंगाना में देखी गई जबकि सर्वाधिक बेरोजगारी हरियाणा में रही. तेलंगाना में यह आंकड़ा 0.7 प्रतिशत रहा जिसके बाद गुजरात (1.2 प्रतिशत), मेघालय (1.5 प्रतिशत) और ओडिशा (1.8 प्रतिशत) का स्थान रहा. वहीं हरियाणा 23.4 प्रतिशत बेरोजगारी दर के साथ इस सूची में सबसे ऊपर रहा. उसके बाद राजस्थान का स्थान आता है जहां पर 18.9 प्रतिशत बेरोजगारी रही.

रोजगार न होने के बावजूद सक्रियता से काम की तलाश नहीं करने वाले 1.7 करोड़ लोगों को भी किसी तरह की रोजगार गतिविधि से जोड़ना अहम है:

सीएमआईई ने दिसंबर, 2021 में अनुमान लगाया था कि देश में कुल बेरोजगारों की संख्या करीब 5.3 करोड़ है जिनमें एक बड़ा हिस्सा महिलाओं का है. बेरोजगारी आंकड़ों पर सीएमआईई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश व्यास ने कहा कि दिसंबर में करीब 3.5 करोड़ बेरोजगार लोग सक्रियता से काम की तलाश कर रहे थे और उनमें से करीब 80 लाख महिलाएं थीं. उन्होंने कहा कि कोई रोजगार न होने के बावजूद सक्रियता से काम की तलाश नहीं करने वाले 1.7 करोड़ लोगों को भी किसी तरह की रोजगार गतिविधि से जोड़ना अहम है

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