
इंग्लैंड की रीडिंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंड्रयू टर्नर का दावा, अरब हिंद महासागर का तापमान बढ़ने से मौसम हो रहा उग्र, इसमें हवा में बदलाव के साथ नमी की मात्रा में भी हुई बढ़ोतरी, ऐसे में बारिश के बादल ज्यादा समय तक नहीं रोक पाते नमी, इससे कम समय में ज्यादा बारिश से सिकुड़ता जा रहा दायरा, बारिश के दिनों का अंतराल बढ़ने से भी बढ़ा लू चलना, सूखा पड़ना, सर्दी में पश्चिम से आने वाली हवा अरब सागर से गुजरते हुए होने लगी गर्म, ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन, हवा में एयरोसोल सल्फेट बढ़ने से बदलाव, इससे जल-थल दोनों के सतही तापमान बढ़ने से मानसून पर असर














