*मदरसे से आतंकी मॉड्यूल चलाने का आरोप, असम में मौलवी समेत 11 गिरफ्तार*
मुस्तफा पर उपमहाद्वीप में अल-कायदा में संबंधित अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के वित्तपोषण से जुड़े रहने का आरोप है। मुस्तफा पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने ऐक्शन लेते हुए जमीउल हुडा मदरसा की इमारत को बंद कर दिया गया है।
गुवाहाटी: असम पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 11 लोगों को हिरासत में लिया है। इसमें मुस्तफा नाम का युवक भी शामिल है जो एक मदरसे का संचालक है। मुस्तफा पर उपमहाद्वीप में अल-कायदा से संबंधित अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के वित्तपोषण से जुड़े रहने का आरोप है। मुस्तफा पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने ऐक्शन लेते हुए जमीउल हुडा मदरसा की इमारत को बंद कर दिया गया है।मुस्तफा के साथ पुलिस ने गोलपारा से अब्बास अली और अफसरुद्दीन भुइयां को गिरफ्तार किया है। मोरीगांव के मोइराबारी क्षेत्र के सहराई गांव में पुलिस ने जमीउत-उल-हुदा मदरसा चलाने वाले मुफ्ती मुस्तफा अहमद को गिरफ्तार किया गया।पुलिस को मदरसा परिसर में चल रही कुछ संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया सूचना मिली थी। यह मुस्तफा के घर के बगल में है, जिसे पुलिस ने गुरुवार को उसके घर से पकड़ा था।
*मदरसे से आतंकी मॉड्यूल को अंजाम*
पुलिस ने उसके पास से कुछ मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। सूत्रों के मुताबिक, मुस्तफा पर अपने मदरसे से आतंकी मॉड्यूल को अंजाम देने का शक था। इस बीच पुलिस ने इसी जिले के सरूचला इलाके में एक अन्य बालिका मदरसे में भी छापेमारी की है।असम पुलिस ने राज्य में टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए मोरीगांव, बारपेटा, गुवाहाटी और गोलपारा जिलों से 11 लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि वे भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) में अलकायदा से संबंधित अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के वित्तपोषण से जुड़ा हुए हैं और इस्लामिक कट्टरवाद से जुड़े हैं।
*जमीउल हुडा मदरसा की इमारत बंद*
पुलिस ने बताया कि मोरीगांव के सहरियागांव में जमीउल हुडा मदरसा की इमारत को बंद कर दिया गया है क्योंकि यह हिरासत में लिए गए लोगों के लिए एक सुरक्षित घर है। हिरासत में लिए गए लोगों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त हुए हैं। इनके लिंक का पता लगाने के लिए आगे जांच की जा रही है।
मोरीगांव की एसपी अपर्णा एन ने बताया, ‘हमें मुस्तफा नाम के एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जो मोरियाबारी में एक मदरसा चलाता है जहां देश विरोधी गतिविधियां होती हैं। वो उप-महाद्वीप में अल-कायदा से संबंधित ABT के वित्तपोषण से जुड़ा हुआ है। UAPA की अनेक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।’एसपी ने बताया, ‘एक कार्यकर्ता को कोलकाता से जबकि एक को बारपेटा से गिरफ्तार किया गया। वे राष्ट्र-विरोधी और आतंकी फंडिंग गतिविधियों में शामिल थे, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच और बैंक खाते का विश्लेषण किया जा रहा है।’
*सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बयान*
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, ‘कल से लेकर आज तक हमने असम के बारपेटा और मोरीगांव जिलों में 2 जिहादी मॉड्यूल को पकड़ा है और इस जिहादी मॉड्यूल में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया है।’ सीएम ने बताया कि राज्य में सरकार की ओर से संचालित मदरसे पहले ही बंद कर दिए गए हैं। ये दो धार्मिक मदरसे हैं। हमने पहले ही एक को सील कर दिया है और जिला प्रशासन को बच्चों को वहां से स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है।
*असम के युवाओं को आतंक में ढकेला जा रहा*
इस बीच, असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भास्कर ज्योति महंत ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा ने पूर्वोत्तर भारत में अपना आधार बढ़ाने के संकेत दिए हैं। हाल ही में, अल-कायदा नेता जवाहिरी ने अपने समूहों को असम में घुसपैठ करने की अपील जारी की। उन्होंने आगे कहा, ‘उनकी त्रैमासिक पत्रिका अब बंगाली में प्रकाशित हो रही है, जिसका उद्देश्य असम के युवाओं को कट्टरपंथी बनाना है जो बहुत खतरनाक हो सकता है।’
*असम में सभी सरकारी मदरसे बंद*
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित अभियान में आतंकवाद मॉड्यूल का खुलासा किया गया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मदरसा निजी है और इसे बंद कर दिया गया है। असम में सभी सरकारी मदरसे बंद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोरीगांव के उपायुक्त को मदरसे के छात्रों का नियमित सरकारी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि कि अंसारुल इस्लाम को पहले अंसारुल बांग्ला टीम कहा जाता था। संगठन के पांच कथित सदस्यों को पहली बार इस साल मार्च में बारपेटा से गिरफ्तार किया गया था और तब से अब तक लगभग 20 लोगों को पकड़ा जा चुका है।








