मरु चित्रकार शिविर ,दूसरे दिन कला संगोष्ठी आयोजित, चित्रकारों ने उकेरे चित्र

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बीकानेर, 6 नवंबर। मरु चित्रकार शिविर के दूसरे दिन रविवार को राजस्थान ललित कला अकादमी के अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास की अध्यक्षता में कला संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी में वरिष्ठ कलाकार महावीर स्वामी, इंद्र सिंह राजपुरोहित और वरिष्ठ साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी मौजूद रहे। संगोष्ठी में ‘आज के परिवेश में कला और कला का वजूद’ शीर्षक पर चर्चा की गई, जिसमें सभी विशिष्ट अतिथियो ने अपने विचार प्रकट किए।
शिविर में 17 कलाकारों ने अपनी कूची से बीकानेर की संस्कृति, सभ्यता और यहाँ के स्थापत्य कला को चित्रित किया है। मालचंद ने तकनीकी से यहाँ के मरुस्थलीय दृश्य को अपने चित्रों में दर्शाया। योगेंद्र पुरोहित ने बीकानेर के मथेरन कला के बादलों का चित्रण अपने चित्रों में किया। अनिकेत कच्छावा ने मरु ओर मरु जहाज को अपने चित्रों में प्रस्तुत किया। कमल और खेमचन्द ने बीकानेर के मॉन्यूमेंट्स को अपने चित्रों में उकेरा। इसी तरह रवि शर्मा और मोहसिन उस्ता ने बीकानेरी कलम और उस्ता कलम का कार्य किया। शंकर, रवि मोयल, शिव कुमार व्यास, प्रियंका स्वामी आदि कलाकारों ने बीकानेर की अंचल ओर स्थापत्य को अपने चित्रों में चित्रण किया। अकादमी सचिव डॉ रजनीश हर्ष ने अतिथियों का स्वागत किया और शिविर के बारे में जानकारी दी। हिमानी शर्मा ने मंच संचालन किया।

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