महावीर इंटरकांटिनेंटल सर्विस आर्गेनाइजेशन ‘मीशो’ द्वारा बीकानेर में 1000 मूक-बधिर बच्चों के लिए आयोजित होने वाले स्किल डेवलपमेंट शिविर में 2500 पौधों के पौधारोपण का भी बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
world record for tree plantation will also created in the skill development camp organized by MISO

बीकानेर: महावीर इंटरकांटिनेंटल सर्विस आर्गेनाइजेशन (मीशो) द्वारा आगामी 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक बीकानेर में एक विशाल स्किल डेवलपमेंट शिविर का आयोजन किया जायेगा। जिसमें देशभर से 1000 मूक-बधिर बच्चे भाग लेंगे। यह शिविर हर साल आयोजित किया जाता है और इसका उद्देश्य मूक-बधिर बच्चों को विभिन्न पेशेवर और सृजनात्मक कौशल में प्रशिक्षित करना है। इस बार के शिविर में भाग लेने वाले बच्चों को 75 प्रकार की विधाओं की शिक्षा दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि महावीर इंटरकांटिनेंटल सर्विस आर्गेनाइजेशन (मीशो) एक राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत संस्था है, जिसका मुख्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्थित है। संस्था के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चीर पुष्प जैन हैं, जो पूर्व सांसद पाली से हैं। मीशो के कार्यक्षेत्र में ‘सेवा’, ‘संस्कार’ और ‘स्वावलंबन’ शामिल हैं।

संस्था ने अब तक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं और 6 वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। इसके अंतर्गत एक आई केयर एंबुलेंस का संचालन किया जाता है, जो रोजाना 500 से अधिक लोगों की निशुल्क आंखों की जांच, चश्मा, दवाइयां और मोतियाबिंद का ऑपरेशन प्रदान करता है। इसके अलावा, एक ईयर केयर एंबुलेंस भी उपलब्ध है, जिसमें बहरेपन की निशुल्क जांच की जाती है और जरूरतमंदों को कान की मशीनें प्रदान की जाती हैं।

स्वावलंबन के क्षेत्र में, मीशो ने अब तक 41,000 से अधिक लोगों को स्वरोजगार में लगाया है और यह कार्यक्रम लगातार जारी है। इस उद्देश्य की प्राप्ति में, बीकानेर में आयोजित हो रहे इस स्किल डेवलपमेंट शिविर का विशेष महत्व है।

इस बार, शिविर की मेज़बानी बीकानेर में की जा रही है, जहां पिछले वर्ष गुवाहाटी में 600 मूक-बधिर बच्चों ने भाग लिया था और भूटान के भी 6 बच्चे शामिल हुए थे। इस वर्ष बीकानेर में आयोजित होने वाले शिविर के लिए वीर विजय सिंह डागा और अन्य पदाधिकारियों द्वारा आमंत्रण स्वीकार किया गया है। चार भवनों की बुकिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा चुकी हैं।

शिविर के पहले दो दिनों में बच्चों को प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न विधाओं की शिक्षा दी जाएगी, जबकि आगे के दिनों में ‘बच्चे सिखाएं बच्चों’ कार्यक्रम के माध्यम से उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और परफेक्शन में सुधार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बच्चों और उनके शिक्षकों को बीकानेर के प्रमुख स्थलों जैसे जुनागढ़ किला, संग्रहालय, ऊंट फार्म, घोड़ा फार्म, स्सगुल्ला, बीकानेर का प्रसिद्ध भुजिया फैक्ट्री, और करणी माता मंदिर देशनोक का दर्शन कराया जाएगा।
आज आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम संयोजक वीर विजय सिंह डागा ने बताया कि इस प्रकार, महावीर इंटरकांटिनेंटल सर्विस आर्गेनाइजेशन ‘मीशो’ का यह शिविर न केवल मूक-बधिर बच्चों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का भी अनुभव कराएगा।उन्होंने बताया कि इस अवसर पर बीकानेर के पास मेघसर और कोलासर गांव में 2500 पौधों का पधारोपण भी किया जाएगा जिससे एक नए वर्ल्ड रिकॉर्ड का निर्माण होगा। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं कर ली गई है तथा इन पौधों को पोषण मिलने इसके लिए ड्रिपिंग सिस्टम तक संस्थान द्वारा किया गया है। किस अवसर पर वीर विजय सिंह डागा, अनाम प्रेमकी ओर से हेमा नागरे, इंदु वर्मा भी उपस्थित रही।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!