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मुस्कुराइए कि आप उस बीकानेर में हैं जहां सड़कों और ड्रेनेज की स्थिति सबसे नामाकूल है

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Report By Dr Mudita Popli


बीकानेर। सियालो सीकर भलो, उनालो अजमेर नागौणो नित रो भलो, सावन बीकानेर, इस बार इंद्र देवता बीकानेर पर पूरी तरह मेहरबान है और वास्तव में बीकानेर का सावन अपने सबसे सुंदरततम रूप में है। परंतु बीकानेर के प्रशासन की नींद इतनी बारिशों के बाद भी टूटने का नाम नहीं ले रही। बारिश के इस खुशनुमा माहौल के बीच चारों और टूटी सड़कें, ड्रेनेज की अव्यवस्था,लंबे जाम और परेशान बीकानेर वासी यह बीकानेर का रोज का नजारा बन गया है।रविवार को जमकर बरसे बदरा ने बीकानेर के मौसम को तो खुशनुमा कर दिया परंतु गाड़ियां लेकर निकले लोग हर ओर बदहाल नजर आए। हालात इतने विकट रहे कि भुट्टो के चौराहे से लेकर जो लंबा जाम लगा उसमें लगभग एक हजार के करीब गाड़ियां और घंटे तक फंसे बीकानेर वासी संघर्ष करते नजर आए। केवल भुट्टो के चौराहे का ही नहीं शहर के अन्य इलाकों में भी टूटी सड़कें और फंसे वाहन देखने को मिले। हाल ही में हुई रीट परीक्षा के दौरान बीकानेर के संभागीय आयुक्त ने शहर भर में पोस्टर लगवाए थे कि मुस्कुराइए कि आप बीकानेर में है परंतु ऐसे बदहाल बीकानेर में मुस्कुराना इतना आसान कहां?
बारिश ने बीकानेर वासियों का जीना मुहाल कर रखा है टूटी सड़कों के चलते लोग घरों से निकलने से कतरा ने लगे हैं यही नहीं बारिश के कारण लंबे जाम और टूटे रास्तों के कारण बीकानेर वासी लगातार परेशान है इसके बावजूद प्रशासन ने केवल कई जगह पर तो मिट्टी से टूटी सड़कों को भरकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है ।हालात इतने विकट है कि हाल ही में बनी हुई सड़कों पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं तथा वाहन चालक परेशान हो रहे हैं ।इतने दिनों से और लगातार हो रही बारिश के बावजूद प्रशासन कुंभकरण की नींद से जागने का नाम नहीं ले रहा और बीकानेर वासी अत्यंत परेशान है ।पार्षद अपनी निजी लड़ाई में उलझे हैं ,नगर निगम अपने झगड़ों को सुलझाने से बाहर नहीं आ रहा धरनों पर बैठा है और नित नए उद्घाटन देख रहा बीकानेर प्राथमिक आवश्यकताओं से भी वंचित है। बीकानेर में प्राइवेट स्कूल में बाल वाहिनियां चला रहे ड्राइवरों ने हाल ही में यह कहकर हड़ताल की थी कि उनके ऊपर जो नियम और कानून लगाए जा रहे हैं वह किसी भी तरह से उचित नहीं है। ड्राइवरों को वर्दी पहनने और जूते पहनने का उपदेश देने वाला प्रशासन बीकानेर की सड़कों को दुरुस्त करने की ओर क्यों नहीं देखता यह अपने आप में यक्ष प्रश्न है?
बीकानेर के नागरिक को संविधान पार्क बाद में चाहिए पहले उसे चाहिए साफ-सुथरी सड़कें परंतु जन नेता और प्रशासनिक अधिकारी पता नहीं कब जागेंगे और कब बीकानेर का वास्तविक विकास हो सकेगा?

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