ब्रह्मनाद में दिखा दशावतार, उमड़ा जनसैलाब,संस्कृति की झलकें देख कर झूमे दर्शक

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बीकानेर सांस्कृतिक मंच द्वारा पुष्करणा स्टेडियम में आयोजित ब्रह्मनाद कार्यक्रम में भारतीय नववर्ष पर भारतीय संस्कृति की झलके देखने को मिली । कार्यक्रम का उद्देश्य जन-जन तक भारतीय विक्रम संवत् और इसकी महत्ता को पहुंचाना था जिसको स्टेडियम में भारी संख्या में पधारे जनमानस तक पहुंचाने में आयोजक सफल भी हुए ।

ब्रह्मनाद कार्यक्रम की शुरूआत शंखनाद से हुआ जिसमें विकास सेवग और उसकी टीम ने शंखनाद करके कार्यक्रम में सकारात्मक महौल पैदा किया इसी के साथ पंडित राजेन्द्र किराडु और पंडित प्रहलाद व्यास के सानिध्य में बच्चों ने माॅं दूर्गा की स्तुति की जिसमें दूर्गा सप्तसती के चौथे अध्याय का वाचन किया । विद्या की देवी माॅं सरस्वती की वंदना के साथ राजकुमारी व्यास की शिष्याओं ने नृत्य कर सभी को मोहित किया ।

कार्यक्रम की सबसे अनूठी प्रस्तुति रही नगाड़ा वादन जिसमें प्रेमसागर और उनके साथियों ने नगाड़ा बजाकर सभी को थाप पर नाचने को मजबूर कर दिया और नगाड़ों की गूंज ने पूरे स्टेडियम को जोश से भर दिया । ब्रह्मनाद स्वरूप ओंकार की ध्वनि पर सूर्यनमस्कार किया गया जिसमें आनन्दम योग केन्द्र के दीपक शर्मा और टीम ने अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किया ।

शास्त्रीय नृत्य की भी झलक मंच पर देखने को मिली जिसमें अमित सारस्वत की शिष्याओं ने कत्थक नृत्य प्रस्तुत किया और सभी ने प्रस्तुति की सराहना की । कार्यक्रम में भजन गायन भी हुआ जिसमें शास्त्रीय गायक श्री नारायण रंगा की शिष्याओं की मंडली श्रीसखी ग्रुप ने भजन गाकर सभी को मन मोह लिया और सभी दर्शक भजनों की मधुर ध्वनि में डूब गए । इसी के साथ वीणा क्लासेज की नृत्यांगनाओं ने दूर्गावंदना पर नृत्य प्रस्तुत कर माॅं दूर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया । इमोजी डांस क्लासेज की तरफ से सीमा पुरोहित की शिष्याओं ने कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत कर राजस्थानी कला और संस्कृति की भव्य नजारा दिखाया ।

बीकानेर के युवाओं को भजनों पर नचा देने वाले ईशानाथ मंडल ने नवरात्रा विशेष भजनों को गाकर पूरे मैदान में उत्साह और उर्जा भर दिया । ईशानाथ मंडल के युवा सदस्यों के उत्साह को दर्शकों की खूब सराहना मिली ।

विशेष आकर्षण – ब्रह्मनाद कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा भगवान विष्णु का दशावतार जिसमें बीकानेर के नामी कलाकार सूर्यप्रकाश स्लाइट, राहुल किराड़ू और गजानन्द व्यास की टीम ने भगवान मत्स्य अवतार से कल्कि अवतार का नाट्यरूप में मंचन किया । मंचन में हर अवतार के बारे में भगवान नारद जी ने वर्णन किया और मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि एक साथ मंच पर दिखे । मंच पर हिरण्यकश्यप, रावण, कंस का जहाॅं वध दिखाया गया वहीं भगवान बुद्ध द्वारा ज्ञान देते हुए दिखाया गया । मैदान में उपस्थित सभी जनमानस ने हाथ जोड़कर और वंदन करते हुए कार्यक्रम की खूब सराहना की एवं पूरे मैदान में महौल भक्तिमय हो गया ।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक हनुमान चालीस के साथ हुआ जिसमें रूपकिशोर व्यास और उनकी टीम ने हनुमान चालीसा का गायन किया और माॅं दूर्गा की आरती के साथ कार्यक्रम को समापन की ओर लेकर गए । कार्यक्रम के अंत में पूरा आसमान आतीसबाजी से भर गया ।

कार्यक्रम का संचालन डाॅ श्रीकान्त व्यास और विनय हर्ष ने किया और मंच से सभी अतिथियों का स्वागत किया और प्रायोजकों का धन्यवाद भी ज्ञापित किया । मंच से स्टेडियम मैनेजिंग ट्रस्टी और सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया ।

कार्यक्रम में संत वृन्द में महंत सरजू दास जी, भगवताचार्य गोपाल नारायण जी व्यास, पंडित राजेंद्र जी किराडू एवं मुख्य अतिथि में बीकानेर पश्चिम के विधायक श्री जेठानंद जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के टेकचंद जी बरडिया, सत्यप्रकाश आचार्य, विजयमोहन जोशी, आर टी ओ अनिल जी पंड्या, वेद व्यास, डॉ राहुल हर्ष उपस्थित रहे ।

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