NATIONAL NEWS

मौत की सजा पाए 8 भारतीयों के परिवार से मिले विदेश मंत्री, बोले- सजा रोकने के लिए काम कर रही सरकार

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

मौत की सजा पाए 8 भारतीयों के परिवार से मिले विदेश मंत्री, बोले- सजा रोकने के लिए काम कर रही सरकार

Foreign Minister met families of 8 Indians: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कतर में फांसी की सजा पाने वाले 8 भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की।

 s jaishankar met families of 8 indians sentenced to death in qatar


विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कतर में फांसी की सजा पाने वाले 8 भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की। इस बात की जानकारी ने उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से दी। मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि इस बात पर जोर दिया गया कि भारत सरकार मामले को सर्वोच्च महत्व दे रही है और सभी भारतीयों की सजा रोकने के लिए तेजी से काम कर रही है।

सूत्रों का कहना है कि कतर की अदालत से भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद, भारत फैसले के खिलाफ अदालत में अपील करने समेत विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है।

सरकार भारतीयों के रिहाई के लिए सभी प्रयास केरगी

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया, “आज सुबह कतर में हिरासत में लिए गए 8 भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की। इस बात पर जोर दिया कि सरकार मामले को सर्वोच्च महत्व देती है। परिवारों की चिंताओं और दर्द को साझा किया। परिवारजनों से बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सरकार उनकी रिहाई के लिए सभी प्रयास करना जारी रखेगी। उस संबंध में परिवारों के साथ निकटता से समन्वय करेंगे।”

कूटनीतिक या राजनीतिक तौर पर भी सुलझाने की तैयारी

सूत्रों ने कहा कि मुद्दे का समाधान खोजने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पता चला है कि भारत को कतर की अदालत के फैसले की प्रति अभी तक नहीं मिली है। अदालत के फैसले पर कतर की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। मामले से वाकिफ लोगों ने कहा कि फैसले की गहन जांच के बाद नयी दिल्ली अपने विकल्पों पर आगे बढ़ेगी। सूत्रों ने बताया कि भारत मामले को कूटनीतिक या राजनीतिक तौर पर भी सुलझाने पर विचार कर सकता है।

इन्हें मिली है सजा-ए-मौत

कतर की अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद विदेश मंत्रालय ने इस फैसले पर हैरानी और एतराज जताया था। मंत्रालय ने कहा कि वो इस फैसले से स्तब्द हैं और कानूनी विकल्प तलाश रही है। बता दें कि पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों में कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेन्दु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश शामिल हैं।

ये सभी लोग अपनी रिटायरमेंट के बाद दोहा की एक कंपनी में काम करते थे, जिसके काम से वो कतर गए थे। इन भारतीयों पर इजरायल के लिए कतर के सबमरीन प्रोजेक्ट की गुप्त जानकारी चुराने का आरोप लगा है।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
error: Content is protected !!