युवकों ने कॉन्स्टेबल पर चढ़ाई गाड़ी तो पीटा:पुलिसकर्मियों ने दांत-अंगुली तोड़ दी, आंख और कमर पर पिटाई के निशान

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युवकों ने कॉन्स्टेबल पर चढ़ाई गाड़ी तो पीटा:पुलिसकर्मियों ने दांत-अंगुली तोड़ दी, आंख और कमर पर पिटाई के निशान

दो दिन पहले जोधपुर की एक होटल के बाहर दो कॉन्स्टेबल और दो युवकों के बीच हुए विवाद का मामला बढ़ता जा रहा है। आरोप लगाया कि एक हिस्ट्रीशीटर युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर कॉस्टेबल पर गाड़ी चढ़ा दी, इस वजह से उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। जिस युवक को आरोपी बताया है उसका आरोप है कि उसे इतना पीटा कि दांत और अंगुली तक टूट गई। आरोप लगाया कि कॉन्स्टेबल शराब के नशे में था। लेकिन, पुलिस इस पूरे मामले में कॉन्स्टेबल को बेगुनाह साबित करने के साथ ही एक कॉन्स्टेबल का नाम तक छिपा रही है।

इस मामले की पड़ताल की तो होटल के सीसीटीवी फुटेज सामने आए। इस फुटेज में कॉन्स्टेबल शराब की ग्लास हाथ में लेकर होटल से बाहर निकल रहा है। मामला जोधपुर शहर के रातानाड़ा थाने के फर्न होटल में शनिवार रात 1 बजे का है।

दरअसल, रातानाडा थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल में पार्टी के बाद दो पुलिस कांस्टेबल और युवकों में विवाद हो गया। दो कॉन्स्टेबल किशन सिंह और केशर सिंह सिविल ड्रेस में थे और किसी पार्टी में शामिल होने के लिए वहां गए थे। इस दौरान किसी बात को लेकर उनकी युवकों से कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों युवक जालोर निवासी मलेंद्र और अरविंद अपनी गाड़ी में बैठे और कांस्टेबल पर गाड़ी चढ़ा दी, जिसमें उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। गाड़ी चला रहा मलेंद्र तो फरार हो गया। लेकिन, अरविंद क कॉस्टेबल को संभालने के लिए वापस आया तो उसे दोनों कॉन्स्टेबल ने पकड़ दूसरी गाड़ी में डालकर मारपीट की। जिससे उसका दांत टूटने के साथ ही आंख व कमर पर भी गहरी चोट आई।

मारपीट के बाद युवक को शनिवार रात 2 बजे रातानाड़ा थाने लाया गया। घटना के 20 घंटे बाद रविवार रात 10:30 बजे कॉन्स्टेबल किशन सिंह की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। सोमवार काे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।

डीसीपी अमृता दुहन ने बताया कि कांस्टेबल ने सूचना दी थी होटल के बाहर युवक युवतियों से छेड़छाड़ कर रहे थे उस पर समझाइश पर मामला गाड़ी चढ़ा दी। कांस्टेबल के पांव में फ्रैक्चर हो गया उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने शराब व पिस्टल की जानकारी नहीं होने पर थाने के एसएचओ को फटकार लगाई।

युवक का भाई पुलिस में, दर्ज कराया मामला
अरविंद के भाई जगदीश रणथंभौर में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात है। सोमवार को उन्होंने रातानाड़ा थाने में कांस्टेबल के खिलाफ क्रॉस शिकायत दी, लेकिन पुलिस की ओर से उसे दर्ज नहीं किया गया है। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि दोनों कॉन्स्टेबल नशे में होटल में युवतियों से छेड़छाड़ कर रहे थे। इस दौरान मेरे भाई व उसके दोस्त ने दोनों को टोका तो उन्होंने पहले होटल में फिर बाहर उनके साथ झगड़ा किया और पिस्टल लहराकर धमका भी। फिर भाई का अपहरण कर ले गए और रास्ते में मारपीट कर थाने ले गए।

आरोप- पुलिसकर्मी लड़कियों से कर रहे थे छेड़खानी

आरपीएस डिप्टी एसपी रणथंभौर जगदीश कुमार का आरोप है कि घटना शनिवार रात एक बजे के बाद की है। कॉन्स्टेबल केसरसिंह और किशनसिंह अपने कुछ दोस्तों के साथ रातानाडा स्थित फर्न होटल में एक पार्टी में शामिल होने गए थे। वहां मूलेन्द्र सिंह धानसा जिला जालाेर को भी जाना था, तो मेरा भाई जालोर निवासी अरविंद कुमार भी उसके साथ जोधपुर गया। वहां कांस्टेबल पार्टी में आई युवतियों की इंस्टाग्राम आईडी मांग रहा था। इस पर मूलेन्द्र और अरविंद ने मना किया। इसके बाद वे होटल से नीचे उतर आए। कांस्टेबल को इस बात का बुरा लगा तो वह भी दोनों के पीछे आए और होटल के सामने विवाद करने लगे। एक कांस्टेबल ने बंदूक भी दिखाई। फायर भी किया है। इसके बाद मूलेन्द्र और अरविंद दोनों भागते हुए अपनी कार में बैठ गए। एक दो बार कार रिवर्स ली लेकिन कांस्टेबल केसरसिंह पीछे खड़ा रहा। मूलेंद्र ने कार केसर सिंह पर चढ़ा दी। आगे जाकर मूलेंद्र गाड़ी छोड़कर भाग गया। अरविंद कांस्टेबल को देखने के लिए वापस आया तो कांस्टेबल के साथियों ने पकड़कर दूसरी कार में डाल दिया। यहां उसके साथ दिनभर मारपीट की और रात में केस दर्ज किया।

कॉन्स्टेबल का आरोप: दोनों युवक कर रहे थे छेड़खानी

रातानाडा थाने में केस दर्ज कराते हुए केसरसिंह ने बताया कि वह शुक्रवार रात रातानाडा क्षेत्र स्थित होटल में पार्टी मनाने के लिए गया था। यहां अरविंद और मूलेंद्र भी आए थे। दोनों वहां आई युवतियों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे तो होटल के कर्मचारी अजय सिंह ने मुझे फोन कर शिकायत की। इस पर मैं उन युवकों के पास गया और कहा कि मैं पुलिस में हूं, लेकिन ऑफ ड्यूटी पर होने के कारण केवल समझा सकता हूं, आप लोग यहां से चले जाइए। समझाने की कोशिश के दौरान वे विवाद करने लगे और मुझ पर गाड़ी चढ़ा दी। इसके बाद मैं बेहोश हो गया। अभी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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