राजस्थानी भाषा, साहित्य, संस्कृति के उन्नयन के लिए होंगे गंभीरता से प्रयास- छंगाणी , शिवराज छंगाणी ने राजस्थानी भाषा अकादमी के अध्यक्ष का पदभार किया ग्रहण

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर, 23 अगस्त। वरिष्ठ साहित्यकार शिवराज छंगाणी ने कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत मंगलवार को राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर छंगाणी ने कहा कि राजस्थानी भाषा, साहित्य, संस्कृति के व्यापक प्रचार-प्रसार व उन्नयन के लिए पूर्ण गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे। इस संबंध में नियमित रूप से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर अकादमी सचिव शरद केवलिया ने अकादमी गतिविधियों की जानकारी देते हुए, अकादमी कार्मिकों का परिचय करवाया। इस दौरान साहित्यकार विशन मतवाला, गोपाल व्यास, इंद्रकुमार छंगाणी, सुशील छंगाणी, आनंद छंगाणी, मीतू पोपली, केशव जोशी, कानसिंह, मनोज मोदी, मोहित गज्जाणी आदि ने छंगाणी का माल्यार्पण से स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सूर्यमल्ल मिश्रण शिखर पुरस्कार से पुरस्कृत शिवराज छंगाणी पूर्व में अकादमी के उपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनकी राजस्थानी-हिन्दी में अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत अकादमी के साधारण सभा के सदस्यों के रूप में साहित्यकार राजेन्द्र जोशी, आईदान सिंह भाटी, डॉ. भरत ओला, घनश्याम नाथ कच्छावा, डॉ. मीनाक्षी बोराणा, सुखदेव राव, दिनेश पांचाल, अंबीका दत्त, वीना जोशी, डॉ. शारदा कृष्ण का मनोनयन किया गया है।

Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!