राजस्थान में प्रथम बार प्री डीएलएड में एआई सॉफ्टवेयर से विशेष निगरानी और जीरो टॉलरेंस निति के साथ 41 जिलों में कुल 1774 परीक्षा केंद्रों पर 6,05,242 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
परीक्षा की विश्वसनीयता विवि की सर्वोच्च प्राथमिकता, हर योग्य अभ्यर्थी को निष्पक्ष और समान अवसर प्राप्त हो : प्रोफेसर बीएल वर्मा, कुलगुरू
जयपुर/कोटा, 18 मई, वर्धमान महावीर खुला विवि द्वारा वर्ष 2026 की प्री डीएलएड परीक्षा आगामी 20 मई बुधवार को सम्पूर्ण प्रदेश में दो पारियों में विवि द्वारा निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जायेगी। इस बीच विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.बीएल वर्मा ने परीक्षा के पारदर्शी, निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, नकल मुक्त और व्यवस्थित रहे, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर प्राप्त हो सके। 20 मई को पूरे राजस्थान में एक साथ आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। गौरतलब है कि प्री डीएलएड परीक्षा राजस्थान में शिक्षक बनने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जाती है। इस परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थियों को डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलता है, जो प्राथमिक स्तर के शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य है।
कुलगुरु प्रो.बीएल वर्मा ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक विश्वविद्यालय के रूप में यह हमारा दायित्व है कि हम इन परीक्षाओं का आयोजन पूर्ण निष्पक्षता, सुव्यवस्था और उच्चतम मानकों के साथ सम्पन्न करें। यह परीक्षा प्रदेश में शिक्षक बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, उन्होंने परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों से अपील की कि वे परीक्षा में पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ सम्मिलित हों और किसी भी प्रकार के अनुचित प्रलोभन या शॉर्टकट से दूर रहें। परीक्षार्थी इस परीक्षा को स्वच्छ प्रतिस्पर्धा के रूप में देखते हुए, इसे अपने ज्ञान और व्यक्तित्व के विकास का अवसर समझें। ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें—यही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। प्री डीएलएड के निर्बाध एवं सफल आयोजन के साथ हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते है कि हर योग्य अभ्यर्थी को निष्पक्ष और समान अवसर मिले। इसलिए इसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस बार वीएमओयू द्वारा किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा नो हो पाए इस हेतु डमी परीक्षार्थियों और नकल माफिया को रोकने के लिए परीक्षा में सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जो बड़ी से बड़ी भर्ती परीक्षाओं को भी पीछे छोड़ देंगे। छह लाख से अधिक परीक्षार्थियों वाली इस परीक्षा की निगरानी के लिए जयपुर के कॉमर्स कॉलेज में एक हाई-टेक ‘स्टेट कमांड सेंटर’ बनाया जाएगा। इसका काम प्रारंभ हो गया है। पहली बार एआई और सीसीटीवी से अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। प्रदेश के सभी 887 केंद्रों को सीसीटीवी से लैस किया गया है। इनकी लाइव फीड सीधे जयपुर कमांड सेंटर को मिलेगी। यहां तैनात आईटी व एआई एक्सपर्ट्स संदिग्ध गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखेंगे। 20 मई को दो पारियों में यह परीक्षा प्रदेश के 41 जिलों में आयोजित की जायेगी जिसमें कुछ तहसील मुख्यालय पर भी परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं।
परीक्षार्थियों अपने प्रवेश पत्र जिन्हें https://predeledraj2026.com से डाउनलोड कर सकते है। पहली पारी की परीक्षा का आयोजन दिनांक 20 मई को प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच और दूसरी पारी की परीक्षा का आयोजन अपरान्ह 2.30 बजे से 5.30 बजे किया जाएगा। प्रदेशभर में प्री डीएलएड परीक्षा के कुल 887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर दोनों पारियों में कुल 6,05,242 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। राजधानी जयपुर में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र व विद्यार्थी है। यहां सर्वाधिक 42 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर दोनों पारियों में कुल 40648 विद्यार्थी परीक्षा देंगे।
प्री डीएलएड परीक्षा के मुख्य समन्वयक व वीएमओयू के कुलगुरू प्रोफेसर बीएल वर्मा ने बताया कि इस बार परीक्षा में शुचिता और पारदर्शिता कायम रखने के लिए विशेष सख्ती बरती जा रही है। सभी परीक्षार्थियों को ड्रेस कोड का पालन करना होगा। पहली पारी में परीक्षार्थियों को 7.30 बजे से 8.30 बजे प्रातः तथा दोपहर बाद दूसरी पारी में परीक्षार्थियों को 1.00 बजे से 2.00 बजे के बीच परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश की अनुमति होगी। गेट बंद होने बाद, प्रवेश पत्र तथा मूल आईडी कार्ड के अभाव में परीक्षार्थी को केन्द्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जयपुर में बनाए गए कमांड सेंटर से हर परीक्षा केन्द्र पर लगे सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।
राजस्थान में प्रथम बार AI सॉफ्टवेयर से विशेष निगरानी में आयोजित होगी प्री डीएलएड परीक्षा
प्री डीएलएड परीक्षा के दौरान कुल 887 केंद्रों के कमरों में लगे CCTV इंटरनेट के माध्यम से सीधे जयपुर कमांड सेंटर के सर्वर से जुड़े होंगे। यहां लगी एक विशाल वीडियो वॉल पर हर केंद्र की गतिविधियों को लाइव देखा जा सकेगा। AI कैमरे संदिग्ध गतिविधि को पकड़ेंगे केवल मानवीय आंखों से 800 से अधिक केंद्रों पर नजर रखना संभव नहीं है। इसलिए AI सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर खुद-ब-खुद संदिग्ध गतिविधियों को पहचान कर अलर्ट भेजेगा है। सेंटर पर IT और AI एक्सपर्ट्स की एक विशेष टीम तैनात रहेगी। जैसे ही AI सॉफ्टवेयर किसी केंद्र पर गड़बड़ी का संकेत देगा, टीम तुरंत उस केंद्र के कैमरे को जूम करके जांच करेगी। AI सॉफ्टवेयर तत्काल कार्रवाई के लिए भेजेगा मैसेज गड़बड़ी की पुष्टि होने पर कमांड सेंटर से तुरंत संबंधित केंद्राधीक्षक को कॉल या मैसेज के जरिए संदिग्ध गतिविधि की सूचना देकर कार्रवाई के निर्देश देंगे। इससे तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा।
परीक्षार्थियों सख्त चेकिंग से गुजरना होगा, बायोमेट्रिक जांच भी होगी
कुलगुरू प्रो वर्मा ने बताया कि परीक्षार्थियों को काफी सख्त चेकिंग से गुजरना होगा। इसके लिए सबसे पहले फ्रिस्किंग से उनकी चेकिंग होगी। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे से गुजरना होगा और बायोमेट्रिक जांच भी की जाएगी। परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों को ‘पर्सनलाइज्ड ओएमआर’ सीट दी जाएगी। परीक्षार्थियों को समय से परीक्षा केन्द्र पर पहुंचना होगा, क्योंकि इस प्रक्रिया से गुजरने में समय लगने की संभावना है। परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की तकनीकी, डिजिटल व इलेक्ट्रानिक डिवाइस के अलावा धातुओं की बनी चीजें ले जाना मना है।
अनुचित साधनों का प्रयोग पर कठोर कार्यवाही होगी
परीक्षा के दौरान यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ राज्य सरकार के द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी। प्रवेश पत्र में लिखे गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी सोशल मीडिया पर किए जा रहे किसी प्रकार के भ्रामक प्रचार पर विश्वास न करें और पूरी परीक्षा समाप्त होने के बाद ही उसे परीक्षा केन्द्र से निकलने दिया जाएगा।
कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था
विवि के अनुसार, सभी परीक्षा केंद्रों पर सघन निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरे, उड़नदस्ते और पर्यवेक्षक तैनात किए गए है। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रदेशभर के सभी परीक्षा केंद्रों पर सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक केंद्र पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सख्त जांच और नियमों का पालन
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन तलाशी और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। बिना प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
नकल पर जीरो टॉलरेंस नीति
विवि ने स्पष्ट किया है कि नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थियों को परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
परीक्षार्थियों से अपील*
विवि ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा में पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ भाग लें। उन्होंने कहा कि मेहनत और योग्यता के आधार पर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है, इसलिए किसी भी प्रकार के शॉर्टकट से बचना चाहिए।









