राजस्थान के विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर आया फैसला

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

उच्च शिक्षा की परीक्षाओं के संबंध में दिशा-निर्देश जारी
सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार अंतिम वर्ष की परीक्षाएं
जुलाई के अंतिम या अगस्त के प्रथम सप्ताह से होंगी
जयपुर/बीकानेर, 4 जुलाई 2021
राज्य सरकार ने यूजीसी की गाइडलाइन, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय तथा विभागीय समिति के सुझावों को ध्यान में रखते हुए विष्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की सत्र 2020-21 की परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में दिषा-निर्देष जारी किये हैं।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि इन दिषा-निर्देषों के अनुसार विष्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के स्नातक तृतीय अथवा अन्तिम वर्ष तथा फाइनल या टर्मिनल सेमेस्टर की परीक्षाएं जुलाई के अन्तिम सप्ताह या अगस्त के प्रथम सप्ताह से आॅफलाइन आयोजित की जाएंगी। इनके परिणाम 30 सितम्बर, 2021 तक जारी किये जाएंगे।

श्री भाटी ने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को 10 वीं एवं 12 परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर अंक देकर प्रोन्नत किया जायेगा। स्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को अस्थाई आधार पर अगली कक्षा में प्रवेष दिया जाएगा तथा 10 जुलाई, 2021 से ऑनलाइन अध्यापन कार्य प्रारंभ किया जाएगा। कोविड परिस्थिति सामान्य होने पर द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं सुविधानुसार ऑब्जेक्टिव या डिस्क्रिप्टिव पैटर्न पर आयोजित कर 31 दिसम्बर, 2021 तक परिणाम जारी किए जाएंगे।

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने बताया कि स्नातकोत्तर पूर्वार्द्ध के विद्यार्थियों को अस्थाई रूप से अगली कक्षा में प्रवेष देकर अध्यापन कार्य 10 जुलाई, 2021 से प्रारंभ किया जाएगा। हालात सामान्य होने पर परीक्षाएं आयोजित कर 31 दिसम्बर, 2021 तक उनके परिणाम जारी किये जाएंगे। स्नातकोत्तर अन्तिम वर्ष की परीक्षाएं जुलाई के अन्तिम सप्ताह अथवा अगस्त के प्रथम सप्ताह से आॅफलाइन आयोजित की जाएंगी, जिनके परिणाम 30 सितम्बर, 2021 तक जारी किये जाएंगे।

डेढ़ घंटे का होगा पेपर, एक विषय के पेपर एक साथ होंगे

म्ंात्री भाटी ने बताया कि जिन कोर्सेज/संकाय/विषयों में विद्यार्थियों की संख्या कम है और विष्वविद्यालय के पास पर्याप्त संसाधन हंै, उनकी परीक्षाएं आॅनलाइन मोड पर करवाई जा सकती हैं। इसी प्रकार व्यावसायिक पाठ्यक्रम एवं सेमेस्टर पद्धति के पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं भी आॅनलाइन मोड पर आयोजित करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रष्न-पत्रों में यूनिट की बाध्यता हटाते हुए परीक्षा की अवधि 3 घंटे के स्थान पर प्रति प्रष्न-पत्र डेढ़ घण्टे की रखी जाएगी। इसके साथ प्रष्न-पत्रों में वर्णित प्रष्नों को अनुपातिक रूप से 50 प्रतिषत हल करने का विकल्प दिया जायेगा। जिन विषयों में दो अथवा तीन प्रष्न-पत्र होते है उनके समस्त प्रष्न-पत्र एक ही पारी में करवाये जायेेंगे। साथ ही, आवष्यकता एवं उपलब्ध संसाधनानुसार परीक्षा केन्द्र बढ़ाये जायेंगे।
संक्रमित विद्यार्थी को मिलेगा विशेष अवसर

उच्च षिक्षा मंत्री श्री भाटी ने बताया कि परीक्षा केन्द्रों पर कोविड प्रोटोकाॅल की पूर्ण पालना गृह विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिषा निर्देषानुसार सुनिष्चित की जाएगी। कोविड-19 से संक्रमित परीक्षार्थी, यदि परीक्षा में सम्मिलित नहीं होता है अथवा यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे परीक्षा देने का अलग से विषेष अवसर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों तथा उनमें कार्यरत शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों का प्राथमिकता के साथ टीकाकरण करवाया जाएगा।

Categories:
error: Content is protected !!