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राजस्थान में ED के एक्शन पर गहलोत की 5 बड़ी बातें, पढ़ें ईडी को ‘टीडी’ से लेकर गारंटी तक क्या कहा

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राजस्थान में ED के एक्शन पर गहलोत की 5 बड़ी बातें, पढ़ें ईडी को ‘टीडी’ से लेकर गारंटी तक क्या कहा

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में कांग्रेस नेताओं पर ईडी की छोपमार कार्रवाई पर गुरुवार को बीजेपी पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने ईडी के जरिए उनके नेताओं को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। यहां पढ़ें गहलोत ने ईडी की रेड पर कही पांच बड़ी बातें…

मुख्यमंत्री गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए ईडी की छोपमार पर भड़ास निकाली

2 गारंटियां दी तो छापे मार दिए, हम तो कल 5 और गारंटियां देंगे

सीएम गहलोत ने कहा कि बुधवार 25 अक्टूबर को कांग्रेस ने प्रदेश की जनता को दो बड़ी गारंटियां दी थी। पहली हर परिवार की महिला मुखिया को सालाना 10 हजार रुपए और 1 करोड़ से ज्यादा परिवारों को 500 रुपए में गैस सिलेंडर। ये गारंटियां बीजेपी वाले पचा नहीं पा रहे हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि बीजेपी हमारे काम का मुकाबला कर नहीं पाती। लिहाजा हमें परेशान करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ 2 गारंटियां दी है। शुक्रवार 27 अक्टूबर को कांग्रेस 5 और बड़ी गारंटियां देने जा रही है। केन्द्र सरकार चाहे और ईडी को फिर से कार्रवाई के लिए तैयार रखे।

पहले डीके शिवकुमार और अब डोटासरा पर कार्रवाई मायने रखती है

सीएम गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों को टारगेट करके केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। पहले कर्नाटक में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डीके शिवकुमार को बेवजह परेशान किया गया। अब राजस्थान के पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने वैभव गहलोत को मिले नोटिस के बारे में कहा कि कल (25 अक्टूबर) को नोटिस जारी किया और आज (26 अक्टूबर) हाजिर होने के लिए कह दिया। यह क्या मजाक है। सीएम ने कहा कि चाहे ईडी का कितना ही दुरुपयोग कर लें, हम घबराने वाले नहीं हैं।

डोटासरा कांग्रेस के साथ डटकर खड़े हैं, इसलिए टारगेट किया

सीएम गहलोत ने कहा कि पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा जब से राजनीति में आए हैं। तब से वे कांग्रेस के साथ खड़े हैं। चाहे सरकार में रहे या विपक्ष में। उन्होंने हमेशा प्रदेश के जनहित के मुद्दे विधानसभा में और बाहर उठाते रहे। डोटासरा ने काम में कोई कमी नहीं रखी और कांग्रेस के साथ डटकर खड़े रहे। सीएम गहलोत ने कहा कि इसलिए उन्हें टारगेट बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि डोटासरा के खिलाफ कोई केस भी नहीं है और ना ही कोई नोटिस मिला है। इसके बावजूद भी छापे डाल दिए।

ये आंकड़े उठा रहे ईडी की कार्रवाई पर सवाल

सीएम गहलोत ने ईडी द्वारा की गई कार्रवाइयों के आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि यूपीए शासन के दौरान ईडी ने कुल 112 सर्च की कार्रवाइयां की थी। इन 112 में से 104 मामलों में चार्जशीट पेश की गई। जबकि वर्ष 2014 के बाद जब से केंद्र में बीजेपी की सरकार आई है। तब से अब तक ईडी ने 3010 सर्च की कार्रवाइयां की। इन 3010 में से केवल 888 मामलों में चार्जशीट दाखिल कर पाए। अर्थात यूपीए शासन में 93 फीसदी मामलों में चार्जशीट और भाजपा के शासन में सिर्फ 20 फीसदी मामलों में चार्जशीट पेश हुई। इससे स्पष्ट होता है कि केन्द्र सरकार ईडी का भरपूर दुरुपयोग कर रही है।

हुडला को टिकट दिया तो उन पर कार्रवाई

सीएम गहलोत ने कहा कि ओमप्रकाश हुड़ला निर्दलीय विधायक हैं। पिछले दिनों कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया तो वे भी निशाने पर आ गए। पहले बीजेपी वालों को पता नहीं था कि हुड़ला किस पार्टी के समर्थन में जाने वाले हैं। ऐसे में उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। जैसे ही उन्हें कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित किया तो छापा मार दिया। सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी सुखजिन्दर रंधावा और प्रताप सिंह खाचरियावास सहित कई नेताओं ने ईडी की कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने वैभव गहलोत को समन पर कहा कि 25 अक्टूबर को समन मिली और 26 को हाजिर होने को कहा, ये क्या मजाक है।

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