राजुवास के डॉ. अनिल हर्ष राष्ट्रीय स्तर संगोष्ठी मे प्रथम आने पर हुए सम्मानित

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दिनांक 20 मार्च, बीकानेर। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर में आयोजित हुए गैर गौवंशीय पशु उत्पादों के प्रासंस्करण, नवाचार एवं सुधार विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में बीकानेर के डॉ. अनिल हर्ष को अनुसंधान पत्र प्रस्तुति में सर्वश्रेष्ठ पत्र वाचन हेतु प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। डॉ. हर्ष ने अपना अनुसंधान पत्र आनुवांशिक स्तर पर ऊंटनी के दुग्ध की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए अनुसंधान के आधार पर प्रस्तुत किया। यह शोधकार्य उनकी विद्या वाचस्पति उपाधि के रिसर्च कार्य डीगेट वन जीन की बहुरूपता, चारित्रिकरण तथा इस जीन के दुग्ध उत्पादन से सह-संबंध के विश्लेषण पर आधारित है, जो कि वैश्विक स्तर पर ऊंट जाति में पहली बार किया गया है। डॉ. हर्ष ने अपना अनुसंधान राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्व विद्यालय, बीकानेर के पशु आनुवांशिकी एवं प्रजनन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. उर्मिला पन्नू एवं राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश के सानिध्य में किया। इस विशिष्ट अनुसंधान हेतु आवश्यक मार्गदर्शन, प्रेरणा, संसाधन राजुवास के माननीय कुलपति डॉ. सतीश कुमार गर्ग, अधिष्ठाता डॉ. ए.पी. सिंह, अधिष्ठाता स्नाकोत्तर अध्ययन डॉ. हेमन्त दाधीच एवं राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. आर्तबंधु साहू द्वारा उपलब्ध कराये गये।

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