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राज्य स्तरीय कार्यशाला-नील गगन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस

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राज्य स्तरीय कार्यशाला-नील गगन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस

जयपुर, 7 सितम्बर। प्रदेश में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिये सकारात्मक कदम उठाने हेतु राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को नील गगन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस (इन्टरनेशनल डे ऑफ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काईस्) के अवसर पर बुधवार को अरण्य भवन में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस वर्ष नीलगगन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु स्वच्छ दिवस का विषय ‘एयर वी शेयर‘ है, जो वायु की गुणवत्ता में सुधार और मानव स्वास्थ्य की रक्षा हेतु प्रयास करने के महत्व पर जोर देता है।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की राज्य मंडल के अध्यक्ष श्री टी. रविकान्त ने अध्यक्षता की। उद्घाटन सत्र में अतिथियों द्वारा नील गगन के लिये स्वच्छ वायु पर राज्य मंडल द्वारा पोस्टर का विमोचन किया गया। साथ ही, मंडल अध्यक्ष द्वारा इस विषय पर बनाये गये विज्ञापन को भी जारी किया गया। मंडल अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में राज्य मंडल एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में वायु प्रदूषण की रोकथाम हेतु किये जा रहे विभिन्न प्रयासों के बारे में सभी प्रतिभागियों को जानकारी दी तथा सभी प्रतिभागियों को नीलगगन के लिये स्वच्छ वायु हेतु शपथ ग्रहण कराई।

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में प्रोफेसर डॉ. संजीव बघई, पदमश्री राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता डॉ बी.सी. रॉय राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता ने मानव स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों पर उद्बोधन दिया। डॉ कृष्णन् नारायणन्, आई.आई.टी बॉम्बे ने जलवायु परिवर्तन हेतु राज्य स्तरीय कार्ययोजना के मुख्य अनुशंसाओं पर उद्बोधन दिया। श्री विवेक चटोपाध्याय, प्रमुख कार्यक्रम प्रबंधक, सेन्टर फॉर साईंस एण्ड एनवायरमेन्ट, दिल्ली द्वारा राजस्थान में स्वच्छ वायु कार्यक्रम में आ रही चुनौतियों एवं उनके समाधान हेतु उद्बोधन दिया। डॉ. गौरव गोवर्धन, वैज्ञानिक-सी, आई.आई.टी. एम., पुणे ने स्वच्छ वायु हेतु बनाये गये विशिष्ट डिसीजन सपोर्ट सिस्टम पर जानकारी दी।

कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, राजस्थान सरकार शामिल हुए। साथ ही डॉ दीप नारायण पाण्डेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) राजस्थान सरकार भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। श्री अग्रवाल ने अपने उद्बोधन द्वारा विभिन्न विभागो से आये प्रतिभागियों से क्रियात्मक उपायों द्वारा वायु प्रदूषण की रोकथाम हेतु रूपरेखा तैयार करने की अपील की। डॉ पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में समस्त अधिकारियों प्रतिभागियों से साक्ष्य पर आधारित निर्णय प्रणाली के अनुसार अपने कार्यों का क्रियान्वयन करने हेतु अपील की।

इस कार्यशाला में जयपुर विकास प्राधिकरण, कृषि विभाग, सूचना एवं प्रौद्यौगिकी विभाग, रीको, राजस्थान राज्य विघुत उत्पादन निगम लिमिटेड, विभिन्न महाविद्यालयों, औद्यौगिक संघों एवं उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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