राष्ट्रीय महिला जागृति मंच द्वारा लिव इन रिलेशनशिप में संशोधन हेतु ज्ञापन सौंपा गया

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राष्ट्रीय महिला जागृति मंच द्वारा लिव इन रिलेशनशिप में संशोधन हेतु ज्ञापन सौंपा गया

महामहिम हरियाणा राज्यपाल जी को जिला उपायुक्त के माध्यम से दिया ज्ञापन

आज दिनाँक 09-12-2022 शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला जागृति मंच की महिला शक्ति द्वारा 10 दिसम्बर इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे के अवसर पर मानवाधिकार के संरक्षण के लिए लिव इन रिलेशनशिप में संशोधन हेतु फरीदाबाद जिला उपायुक्त श्री विक्रम सिंह जी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल जी को ज्ञापन दिया गया। अम्बिका शर्मा ने बताया कि लिव इन रिलेशनशिप की वजह से परिवार टूट रहे हैं और बच्चे अनाथ व असुरक्षित होते जा रहे है। युवा बच्चों का भविष्य लिव इन मे रहने से अंधकार में जा रहा है। अम्बिका शर्मा ने आगे बताते हुए कहा है की लिव इन रिलेशनशिप समाज मे फैली हुई एक भयंकर बीमारी है जो धीरे धीरे परिवारों को नष्ट करती जा रही है। लिव इन जैसी समस्या के समाधान हेतु अम्बिका शर्मा व समस्त मातृशक्ति ने हरियाणा राज्यपाल जी से मांग की है कि शादीशुदा महिला पुरुष व कुवांरे बच्चों के लिए लिव इन रिलेशनशिप अवैध /बन्द होना चाहिए। सिर्फ तलाकशुदा, विधवा या विदुर को ही लिव इन मे रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। अम्बिका शर्मा ने अंत मे कहा की अभी ये उनकी पहली सीढ़ी है। भविष्य में वे संगठन के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को भी लिव इन रिलेशनशिप में संशोधन के लिए ज्ञापन देंगी। इस मुहिम में साथ देने वाली महिला शक्ति- रेखा भटनागर जी, मुनेश नरवाल जी, कुसुम पाहुजा जी, रेनू बाला जी, मोनिका मलिक जी, भारती चौहान जी, पूजा चौधरी जी शामिल रही

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