रोड सेफ्टी को लेकर गडकरी का ऐलान:कार की पिछली सीट पर बैठे पैसेंजर को भी लगाना होगा सीट बेल्ट, नहीं पहना तो देना होगा फाइन

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

रोड सेफ्टी को लेकर गडकरी का ऐलान:कार की पिछली सीट पर बैठे पैसेंजर को भी लगाना होगा सीट बेल्ट, नहीं पहना तो देना होगा फाइन
अब कार की पिछली सीट पर बैठे पैसेंजर को भी सीट बेल्ट लगाना जरूरी होगा। ऐसा नहीं किया तो फाइन भरना होगा। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक इंटरव्यू के दौरान इसका ऐलान किया।गडकरी ने बताया कि जिस तरह कार में आगे बैठे पैसेंजर के सीट बेल्ट नहीं लगाने पर अलार्म बजता है, ऐसा ही सिस्टम अब पिछली सीट पर बैठे पैसेंजर के लिए भी होगा। इसके लिए कार कंपनियों को निर्देश दिया जाएगा। सोमवार को टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का रोड एक्सीडेंट में निधन हो गया था। बताया जा रहा है कि वो मर्सिडीज की पिछली सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। गडकरी के इस ऐलान को मिस्त्री के निधन से जोड़कर देखा जा रहा है।

गडकरी ने कहा- अब फाइन लगेगा
गडकरी ने कहा कि पहले से ही पिछली सीट पर सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है, लेकिन लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। लेकिन अब फाइन लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जुर्माना लेना मकसद नहीं है, बल्कि जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि 2024 तक सड़क हादसों में 50 फीसदी की कमी लाने का लक्ष्य है।

एयर बैग को लेकर कही ये बात
कार की पिछली सीट पर एयर बैग लगाने से क्या कारों की लागत बढ़ जाएगी, इस सवाल पर गडकरी ने बताया कि लोगों का जीवन बचाना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने बताया कि एक एयरबैग की लागत 1 हजार रुपए है। ऐसे में 6 के लिए छह हजार रुपए लगेंगे। प्रोडक्शन और डिमांड के बढ़ने के साथ धीरे-धीरे इसकी लागत और कम होती जाएगी।

8 पैसेंजर्स के साथ 6 एयरबैग लगाना अनिवार्य
गडकरी ने बताया कि नियमों के अनुसार, भारत में फ्रंट पैसेंजर और ड्राइवर के लिए एयरबैग अनिवार्य हैं। जनवरी 2022 तक, सरकार ने प्रत्येक यात्री कार में 8 पैसेंजर्स के साथ 6 एयरबैग लगाना कंपनियों के लिए अनिवार्य कर दिया है।

रोज 20 हजार से ज्यादा कार निकलें तो सिक्स लेन जरूरी
गडकरी ने सोमवार को आईएए वर्ल्ड समिट में अहमदाबाद-मुंबई हाईवे को खतरनाक बताया था। उन्होंने कहा था कि 20 हजार या उससे ज्यादा PCU का ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए छह लेन वाली सड़कों की जरूरत है। जबकि, अहमदाबाद-मुंबई एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक वॉल्यूम 1 लाख 25 हजार पैसेंजर कार यूनिट (PCU) है। यह मानक से 6.25 गुना ज्यादा है, इसलिए यहां ड्राइविंग के दौरान टक्कर की संभावना बहुत ज्यादा है।
साइरस की कार इसी हाइवे पर रविवार को ओवरटेकिंग के दौरान सूर्या नदी के पुल पर रोड डिवाइडर से टकरा गई थी।​​ ​​​​​गडकरी ने मिस्त्री की मौत पर दुख जताया, साथ ही ड्राइविंग के दौरान कार में सीट बेल्ट न लगाने को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि कार में पीछे बैठे लोगों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना उतना ही जरूरी है, जितना आगे की सीट पर बैठने वालों के लिए। कार एक्सीडेंट में मारे गए मिस्त्री ने सीट बेल्ट नहीं लगाया था।

Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!