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“लड़की हूँ लड़ सकती हूँ” बोलने वाली प्रियंका,राजस्थान में बिक रही बेटियों पर क्यों चुप हैं?उदयपुर में हो रहा बेटियों का सौदा:3 हजार लेकर लड़कियों की मुंह दिखाई के साथ सगाई और लग्न की गारंटी भी दे रही संचालक

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उदयपुर में हो रहा बेटियों का सौदा:3 हजार लेकर लड़कियों की मुंह दिखाई के साथ सगाई और लग्न की गारंटी भी दे रही संचालक
बालिका सुधार गृह में नाबालिग लड़कियों से बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अनुमति के बिना लड़की के माता-पिता भी नहीं मिल सकते। उदयपुर के सेक्टर 14 में बालिका सुधार गृह पर रोज नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां की संचालिका गुणमाला चेलावत 6 से 10 हजार रु. लेकर पुरुषों को न केवल एंट्री दे रही हैं, बल्कि लड़की को सगाई व शादी के लिए तैयार करने की भी गारंटी ले रही है।
गोगुंदा क्षेत्र के एक परिवार की लड़की एक गैर जाति के युवक के साथ भाग गई थी। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने कार्रवाई की। नाबालिग को पुलिस ने डिटेन किया। लड़की ने अपने माता-पिता के साथ जाने से इनकार कर दिया तो उसे सीडब्ल्यूसी ने सितंबर में उसे गोवर्धनविलास सेक्टर 14 स्थित मनु सेवा संस्थान के बालिका सुधार गृह में भेज दिया। अनपढ़ माता-पिता उससे मिलने के लिए सुधार गृह गए तो संचालिका ने मिलाने के लिए रुपए मांगे।
एक रिपोर्टर वहां दूल्हा बनकर गया तो दूसरा रिपोर्टर चचेरा भाई । लड़की के माता-पिता को साथ लेकर बालिका सुधार गृह पहुंचे। संचालिका ने बिना कागजी कार्यवाही किए लड़की को बुलाया और लड़के से मिला दिया। सूत्रों के अनुसार बातचीत में लड़की ने पहले पूछा गया कि संचालिका ने आपसे या मां-पिता से पैसे तो नहीं लिए। उसने कहा कि वह अपने घर जाना चाहती है।
संचालिका : मैं सारा आपका काम परफेक्ट करूंगी, पर आप अच्छे से ध्यान रखना मेरा। इसके मम्मी- पापा कब आएंगे ?
रिपोर्टर: अरे यार, पुलिस वाले पैसे खाने के चक्कर में आपको बेवकूफ बना रहे हैं। आप तो एक बार उनको यूं बोल दो कि 15-20 दिन बाद हम छोरी को घर ला रहे हैं। ज्यादा करें तो उनकी बात मुझसे बात कराना, ज्यादा करेंगे तो एसपी को बोलकर उनकी बारह बजाऊंगी साले की, नहीं मानेगा तो, लेंगे।
इसपर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष और संचालिका के वक्तव्य
पुरुषों का सुधार गृह में प्रवेश वर्जित है
माता-पिता भी मिलना चाहे तो सीडब्ल्यूसी को आवेदन करना पड़ता है। जांच कराएंगे। – संगीता बेनीवाल, अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग, राजस्थान

बिना सीडब्ल्यूसी की स्वीकृति के बालिकाओं को किसी से नहीं मिलाया जाता है। रुपए लेकर तो बिलकुल नहीं।’ -गुणमाला चेलावत, संस्थापक, संचालिका, मनु सेवा संस्थान, उदयपुर

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