लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का संवाद आज:रंधावा, डोटासरा और जुली आज फिर बीकानेर में, दावेदारों को शक्ति प्रदर्शन करना होगा

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का संवाद आज:रंधावा, डोटासरा और जुली आज फिर बीकानेर में, दावेदारों को शक्ति प्रदर्शन करना होगा

बीकानेर

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने पिछली यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। - Dainik Bhaskar

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने पिछली यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी।

बीकानेर में कांग्रेस एक बार फिर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है। एक महीने में ही कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेता फिर से बीकानेर आ रहे हैं। पिछले कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारी ही नहीं पहुंचे थे, ऐसे में इस बार भीड़ एकत्र करने के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव में टिकट के दावेदारों को शक्ति प्रदर्शन करने का अवसर भी मिल गया है।

यूथ कांग्रेस के नेता रहे रामकिशन सियाग की पुण्यतिथि पर बीकानेर में हर साल होने वाला रक्तदान शिविर मंगलवार को होगा। इस बार इसे जन संवाद नाम दिया गया है। जिसमें सियाग समर्थकों के साथ ही देहात कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने बताया कि जन संवाद में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, देहात कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पहुंच रहे हैं। तीनों नेता यहां कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे।

इन नेताओं पर भीड़ का जिम्मा

देहात कांग्रेस को जिन नेताओं से भारी मात्रा में कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचने की उम्मीद है, उनमें पूर्व केबिनेट मंत्री गोविन्दराम मेघवाल शामिल है। गोविन्दराम लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से दावेदारी करते हुए अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके साथ ही पिछले लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे मदन गोपाल मेघवाल और जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल भी शामिल है। दरअसल, मोडाराम मेघवाल डूडी गुट की ओर से दावेदार हो सकते हैं। ऐसे में उनके समर्थन में भी भीड़ जुटाई जा रही है।

पिछली बार नहीं पहुंचे पदाधिकारी

कांग्रेस की पिछले दिनों सूरज टॉकिज में हुई मीटिंग में पार्टी पदाधिकारी ही नहीं पहुंचे थे। प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने तब स्टेज से ही कार्यकर्ताओं की हाजिरी ली तो पता चला कि बहुत कम संख्या में मुख्य पदाधिकारी आए हैं। नाराज डोटासरा ने पूर्व मंत्रियों के समक्ष भी नाराजगी जताई कि जिस जिले से तीन-तीन मंत्री थे, हम वहां से इस तरह हार गए।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!