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वायुसेना अकादमी में कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड

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संयुक्त स्नातक परेड (सीजीपी) का आयोजन दिनांक 19 जून, 2021 को वायु सेना अकादमी (एएफए) डुंडीगल हैदराबाद में किया गया, जो भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं के 161 फ्लाइट कैडेट्स के प्रशिक्षण के सफल समापन को चिह्नित करता है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, एडीसी, सीजीपी के मुख्य अतिथि और समीक्षा अधिकारी थे, जहां उन्होंने स्नातक फ्लाइट कैडेट्स को राष्ट्रपति कमीशन प्रदान किया। इस अवसर पर भारतीय नौसेना के 6 अधिकारियों और भारतीय तटरक्षक के 5 अधिकारियों को भी उनके उड़ान प्रशिक्षण के सफल समापन पर ‘विंग्स’ से सम्मानित किया गया ।

समीक्षा अधिकारी की अगवानी एयर मार्शल आर डी माथुर पीवीएसएम एवीएसएम वीएसएम एडीसी, एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, ट्रेनिंग कमांड और एयर मार्शल आईपी विपिन एवीएसएम वीएम कमांडेंट एयरफोर्स एकेडमी ने की। उनके आगमन पर परेड द्वारा वायुसेना प्रमुख को जनरल सैल्यूट दिया गया और इसके बाद शानदार मार्च पास्ट किया गया । परेड का मुख्य आकर्षण ‘पाइपिंग सेयरमनी’ था, जिसमें स्नातक फ्लाइट कैडेट्स ने अपनी ‘स्ट्रिप्स’ धारण की और मुख्य अतिथि द्वारा ‘विंग्स’ और ‘ब्रेवेट’ से सम्मानित किया गया । इसके बाद नए कमीशंड अधिकारियों को समीक्षा अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में एएफए के कमांडेंट द्वारा ‘शपथ’ दिलाई गई ।

‘पाइपिंग समारोह’ के बाद, समीक्षा अधिकारी ने प्रशिक्षण के विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कार प्रदान किए। फ्लाइंग ब्रांच के फ्लाइंग ऑफिसर प्रज्वल अनिल कुलकर्णी को पायलट्स कोर्स में ऑर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान पाने के लिए प्रेसिडेंट्स प्लाक के साथ-साथ एयर स्टाफ सोर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया; जबकि फ्लाइंग ऑफिसर कृतिका कुलहरि को ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं में ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए प्रेसिडेंट्स प्लाक से सम्मानित किया गया।

परेड को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने प्रशिक्षण की ढांचागत व्यवस्था पर गंभीर कोविड संबंधी बाधाओं के बावजूद प्रशिक्षण को समय पर पूरा करने के लिए एएफए और अन्य प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों की सराहना की । उन्होंने पिछले एक वर्ष में 20,500 से अधिक उड़ान घंटों की प्राप्ति करने में वायु सेना अकादमी द्वारा हासिल महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करने का उल्लेख किया जो अकादमी के इतिहास में अब तक का सबसे अच्छा पदर्शन है ।

वायुसेना प्रमुख ने अभूतपूर्व और तेजी से पैदा हो रही सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख किया और युवा अधिकारियों को याद दिलाया कि वे भारतीय वायु सेना में एक ऐसे मोड़ पर प्रवेश कर रहे हैं जब प्रौद्योगिकियों और युद्धक क्षमताओं के शामिल होने से वायु सेना में एक अभूतपूर्व परिवर्तन चल रहा है। उन्होंने प्रमुख स्वचालन और नेटवर्किंग परियोजनाओं के विकास और परिचालन के साथ सैन्य अभियान संबंधी पद्धतियों में हो रहे बदलाव और कामकाज पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आह्वान किया कि अत्याधुनिक विमानों, हथियारों, सेंसर और प्रौद्योगिकियों का पूरा फायदा उठाने के लिए वे उत्साह के साथ मैदान पर उतरें और वहां पहुंचने के बाद अपनी क्षमता साबित करें।

इस भव्य समारोह का समापन जूनियर कोर्स से पहली सलामी मिलने के साथ नए कमीशंड अधिकारियों के ‘औल्ड लैंग सिने’ की परंपरागत धुन के साथ धीमी गति से मार्च करने के साथ हुआ। इसके बाद वे सैल्यूटिंग डायस के पीछे गए और अकादमी के पोर्टल्स से गुजरे जो भारतीय वायु सेना में अपनी यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है।

पिलेटस पीसी-7 एमके-II, हॉक्स, किरन और चेतक के साथ-साथ सारंग, सूर्यकिरन विमानों के फ्लाईपास्ट और आकाश गंगा स्काई डाइविंग टीम के प्रदर्शन से एक शानदार स्नातक परेड में रंग भर दिए।

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