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संध्या विहीन धर्म महत्वहीन हो जाता है- डॉ बी .डी. कल्ला

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बीकानेर । नत्थू सर गेट के अन्दर पुना महाराज की कोटडी में RMC संस्थान एवं पुष्टिकर युवकों द्वारा नई पीढी को संस्कारित करने एवं धर्म तथा अध्यात्म से परिचित करवाये जाने वाले चल रहे विशाल संध्या शिविर में कर्मकाण्डी एवं शिव भक्त पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ बी.डी. कल्ला नेवप्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिविरार्थियों का उत्साह वर्धन किया ।
इस अवसर पर ओम प्रकाश जोशी ‘बबला महाराज ” ने अपने पिता कवि भत्तमाल जोशी की स्मृति में शिविरार्थियों को कल्ला जी के कर कमलों से स्मृति चिह्न प्रदान करवाये तथा कल्ला जी ने
शिविरार्थियों से प्रशिक्षण सम्बन्धी प्राप्त जानकारी ली। प्रशिक्षणार्थियों ने बतलाया कि हमे यहां बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है । इस शिविर को सम्बोधित करते हुवे कहा कल्ला जी ने कहा कि संध्या अर्चना का धर्म और भक्ति मे विशेष महत्व है बगैर संध्या किसी भी प्रकार की पूजा अर्चना फल नही देती, निष्फल होती है। उन्होंने धर्म और अध्यात्म की चर्चा में सप्त चिरंजीवी ” अश्वत्थामा बलिर्व्यासों हनूमानश्च विभीषण कृपाचार्य परशुरामश्च सप्तैत चिरंजीविन के बारे में भी बतलाया ।
कार्यक्रम के बारे में बतलाते हुवे पंकज आचार्य ने बतलाया कि कार्यक्रम में पण्डित आचार्य सोमदत्त, शिव राधे छंगाणी, बबला महाराज, आशीष जोशी, मनूडसा आचार्य , शेखर छंगाणी, राकेश, गौरिया महाराज एवं अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे ।
शिविर के उत्कृष्ट संचालन हैतु आयोजको को बधाई देते हुवे कल्ला जी ने शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक समाज मे समाज को संस्कारित करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आज के युग मे महत्ती आवश्यकता है क्योंकि संस्कारित समाज ही सभ्य समाज की आधारशिला है
इस शिविर मे शहर के गणमान्यजनो के साथ ही बहु संख्या मे प्रौढ़, युवक एवं बालक शिविर में निरन्तर पण्डित आचार्य सोमदत्त के आचार्यत्व व सानिध्य मे संध्या उपासना सीख रहे है। संध्या शिविर पुना महाराज की कोटडी,नत्थूसर गेट के अन्दर मे प्रत्येक दिन सायं 8 : 00 बजे से संचालित हो रहा है जहां 70 से अधिक लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है।

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