सड़क दुर्घटना में मृत महिला और दोनो घायल पुरुषों का मामला बना पहेली

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सड़क दुर्घटना में मृत महिला और दोनो घायल पुरुषों का मामला बना पहेली
बीकानेर। संदेहास्पद सड़क दुर्घटना में मृत महिला और घायल पुरुषों के परिवारजनों की अबतक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि कल देर रात बीकानेर के छतरगढ़ के समीप हुई सड़क दुर्घटना में एक महिला की मृत्यु हो गई जबकि दो पुरुष घायल हो गए। दुर्घटना में महिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। जबकि घायलों को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूत्रों की माने तो यह मामला जितना सीधा दिखाई दे रहा है इतना सरल है नहीं। सूत्रों का कहना है कि हमले में घायल एक व्यक्ति जिसके हाथ में चोट आई है वह लड़कियां खरीदने और बेचने का धंधा करता है। मृतक लड़की को भी किसी व्यक्ति द्वारा रावला से उठाया गया था तथा आगे ड्राइवर और इस पुरुष का किसी और महिला को उठाकर रावला के रास्ते दिल्ली ले जाकर बेचने का इरादा था परंतु रास्ते में हुई इस दुर्घटना में इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
सूत्रों की माने तो दुर्घटना के वक्त कार में महिला समेत तीन व्यक्ति थे तथा कार की गति बहुत तेज थी। जिसके चलते कार अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई तथा दोनों पुरुष घायल हुए हैं। घायल पुरुषों में एक ड्राइवर है जिसका आधार कार्ड प्राप्त हुआ है।जबकि दूसरा व्यक्ति अपने बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है। सूत्रों की माने तो इन व्यक्तियों ने रावला से इस महिला को उठाया था तथा इनकी आगे भी एक अन्य महिला को उठाने की योजना थी परंतु गाड़ी पलट जाने से इनकी योजना पर पानी फिर गया। सूत्रों का कहना है कि इस गाड़ी के पीछे पुलिस पड़ी हुई थी और गाड़ी बहुत अधिक तेज चलाने के कारण अनियंत्रित हो गई। सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से मृत महिला ड्राइवर तथा एक अन्य व्यक्ति को पीबीएम ट्रामा सेंटर में लाया गया था जहां महिला को मृत घोषित करने के बाद ड्राइवर अत्यंत गंभीर अवस्था में यही पड़ा है जिसकी कोई सार संभाल नहीं की जा रही है । उसके सिर में गंभीर चोट आई है तथा वो कुछ बताने की स्थिति में नही है।जबकि उसके साथ जो एक अन्य व्यक्ति था उसे उसी एंबुलेंस पुनः रावला मंडी वापस ले जाया गया है।
उधर महिला के परिजनों के आए बगैर और बिना पहचान उजागर हुए महिला का आनन फानन में दाह संस्कार कर दिया गया।ऐसी स्थिति में यक्ष प्रश्न यह है कि क्या राजस्थान में इसी प्रकार महिलाओं का उत्पीड़न जारी रहेगा ? क्या इसी प्रकार राजस्थान पुलिस मूकदर्शक बनी अपराधियों को शरण देती रहेगी? आखिर कब जागेगा राजस्थान का प्रशासन और पुलिस ?

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