सांस्कृतिक चेतना और हिन्दी विषय पर श्रीडूंगरगढ़ में होगा विमर्श: हिन्दी दिवस समारोह पर होगा संगोष्ठी का आयोजन, सामाजिक सरोकारों को समर्पित सृजन सेवा पुरस्कार किये जायेंगे अर्पित

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर। राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ द्वारा हिन्दी दिवस समारोह पूर्वक मनाया जाएगा। संस्थाध्यक्ष श्याम महर्षि ने बताया कि समिति के वार्षिकोत्सव के रूप में प्रतिवर्ष के इस आयोजन में इस बार सांस्कृतिक चेतना और हिन्दी विषय पर विमर्श होगा। मंत्री रवि पुरोहित ने बताया कि प्रख्यात साहित्यकार और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, ओटीएस जयपुर के अतिरिक्त महानिदेशक श्री टीकमचंद बोहरा की अध्यक्षता में 14 सितम्बर को संस्कृति सभागार में आयोज्य समारोह के मुख्य अतिथि लब्ध प्रतिष्ठ चिंतक-इतिहासविद व राजस्थान पुरातत्व, संग्रहालय एवं राज्य अभिलेखागार के निदेशक आईएएस डॉ. महेन्द्र खड़गावत होंगे। संगोष्ठी के विषय-प्रवर्तक व मुख्य वक्ता के रूप में ख्यात शिक्षाविद-समालोचक डॉ. उमाकांत गुप्त समारोह को सान्निध्य प्रदान करेंगे।
समारोह समन्वयक समाजसेवी महावीर माली और आयोजन सचिव सत्यदीप ने बताया कि वार्षिकोत्सव में राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध संस्था की सर्वोच्च मानद-उपाधि श्री मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री मेरठ के प्रख्यात शिक्षाविद, साहित्यकार, संपादक पदमश्री डॉ. रवीन्द्र कुमार को और डॉ. नंदलाल महर्षि स्मृति हिन्दी साहित्य सृजन पुरस्कार जोधपुर के कथाकार-समालोचक डॉ. हरीदास व्यास को अर्पित किया जाएगा। संयुक्त मंत्री सत्यनारायण योगी ने बताया कि पं. मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार इस बार मुंबई प्रवासी साहित्यकार श्री महेन्द्र मोदी और सामाजिक सरोकारों को समर्पित श्री रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान जयपुर के सवाई सिंह को दिए जायेंगे । संगठन मंत्री महावीर सारस्वत के अनुसार इस अवसर पर श्री शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार जयपुर की लोकप्रिय उपन्यासकार-कथाकार तसनीम खान को प्रदान किया जाएगा।

उपाध्यक्ष बजरंग शर्मा ने बताया कि सम्मान व पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक समादृत विद्वान को शॉल, श्रीफल, सम्मान-पत्र, स्मृति-चिह्न और ग्यारह हजार रुपए की राशि अर्पित की जाएगी। कोषाध्यक्ष रामचन्द्र राठी ने बताया कि समारोह में पूरे देश से सौ से अधिक साहित्यकार, शिक्षाविद, संस्कृतिकर्मी और विचारक-चिंतक भाग लेंगे।

Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!