सामाजिक चेतना से ही रोके जा सकते हैं बाल विवाह

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
https://twitter.com/TIN_NETWORK__/status/1727006765093622051?t=sqp0G1smNkC5ETJs4ljirA&s=19

बीकानेर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशनुसार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कालू में बाल विवाह रोकथाम के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर छात्र छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल सदस्य पीएलवी श्रेयांस बैद ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक बुराई है जिसे सामाजिक चेतना से ही रोका जा सकता है।बाल विवाह स्वंय की सूझबूझ से रोके जा सकते हैं प्राधिकरण द्वारा समय समय पर जागरूकता शिविरों के माध्यम से प्रदेश भर में जन चेतना आई है ऐसे बहुत उदाहरण मिलते हैं जिसमें बालिकाओं ने टोल फ्री हेल्प लाइन नम्बर 1098, 100, 15100, पर फोन कर स्वंय ही बाल विवाह रुकवाए हैं इन नम्बर पर फोन किये जाने पर सूचना भी गुप्त रखी जाती है ।प्रिंसिपल नीलम देवी,महेश शर्मा ,सावित्री, हनुमान तावनीया ने भी विचार रखे ।

Categories:
error: Content is protected !!