साहित्यकार सहयोग संगठन के द्वारा आयोजित ,रागात्मक चेतना के शलाका पुरुष “गीत ऋषि कन्हैया लाल बाजपेई” की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा

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कानपुर। साहित्यकार सहयोग संगठन के द्वारा आयोजित ,रागात्मक चेतना के शलाका पुरुष “गीत ऋषि कन्हैया लाल बाजपेई” की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा रविवार को अनुपम धाम गेस्ट हॉउस साकेत नगर कानपुर में सम्पन्न हुई |
उनकी पत्नी रमा बाजपेयी जी ने उनके चित्र पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया ! कार्यक्रम की संयोजिका डॉ सुषमा सिंह सेंगर ने उनकी स्मृतियों को ताजा करते हुए कहा की केवल कानपुर ने ही नहीं वरन पूरे देश ने एक महान गीतकार, होम्योपैथ और ज्योतिष मर्मज्ञ को खोया है ! वो केवल एक अच्छे गीतकार ही नहीं थे ,हमारे पिता सामान थे| साहित्य और समाज में उनके योगदान को हमेशा याद किया जायेगा| डॉ गायत्री सिंह पूर्व प्राचार्या अर्मापुर पी जी कालेज ने कहा क़ि साहित्यकारों की सामाजिक,आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए उनके मार्गदर्शन में जिस संगठन का गठन हुआ था ,वो निरंतर साहित्यकारों के मानवीय हितों के लिए काम करता रहेगा | हास्य कवि श्रवण शुक्ल जी ने उनके साथ अपनी स्मृतियों को ताजा करते हुए अपने अनुभव साझा किये | डॉ शिव कुमार दीक्षित ,सतीश गुप्त, सुरेश राजहंस. आदित्य कटियार,जया राजपूत,मनीष रंजन सरल,शुभम तिवारी,वंश गोपाल मिश्र विद्या शंकर अवस्थी ,नरेंद्र शंकर शुक्ला ,मोहन लाल गुप्ता,डॉ अनिल कटियार,अशोक बाजपेयी , वीना उदय , सुनील बाजपेयी , हरिनारायण दीक्षित नज़र कानपुरी,क्वीना साहिबा ,डॉ राधा शाक्य ,सुरेश साहनी,प्रदीप अवस्थी, कमलेश शुक्ला ,अजीत राठौर,राजीव मिश्रा ,शोभना कश्यप,मधु श्रीवास्तव ,धीरेन्द्र श्रीवास्तव ,अक्षत व्योम यशअरोड़ा ,सुनीता तिवारी मनीष शतदल ,नूपुर राही,आदि ने पुष्पार्चना की ! सुषमा सिंह ने बाजपेयी जी का गीत तुम्हारा मिलना क्या और गीता चौहान जी का भेजा हुआ मेरे प्यारे कन्नू भइया पढ़ा अंत में सभी ने उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें आदरांजलि समर्पित किया।


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