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स्टूडेंट्स को घर छोड़ने ही नहीं आए टैक्सी ड्राइवर:बीकानेर के हजारों बच्चे हुए परेशान, पेरेंट्स बच्चों को ढूंढते रहे

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स्टूडेंट्स को घर छोड़ने ही नहीं आए टैक्सी ड्राइवर:बीकानेर के हजारों बच्चे हुए परेशान, पेरेंट्स बच्चों को ढूंढते रहे
स्कूल वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बिठाने के खिलाफ कार्रवाई पर वाहन चालकों ने इतना आक्रोश दिखाया कि स्टूडेंट्स को घर छोड़ने ही नहीं गए। परेशान पेरेंट्स स्कूल्स के आगे अपने बच्चों को ढूंढते नजर आए। आरोप है कि परिवहन विभाग बिना सोचे समझे गरीब ऑटो ड्राइवर के पांच-पांच हजार रुपए के चालान काट रहा है। उधर, प्रशासन भी इस मुद्दे पर पीछे होने के लिए तैयार नहीं है।संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन ने पिछले दिनों परिवहन विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ऑटो या अन्य वाहन की तय सीट्स से डेढ़ गुना तक बच्चों को बिठाने की अनुमति परिवहन विभाग की ओर से दी गई है। जबकि वाहन चालकों का कहना है कि वो दो गुना बच्चों को आसानी से ले जा सकते हैं। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ड्राइवर लेते हैं, इसके बाद भी प्रशासन इस मामले में परेशानी पैदा कर रहा है।

परेशान हुए नन्हें-मुन्ने स्टूडेंट्स
गंगाशहर रोड पर स्थित जैन पब्लिक स्कूल के स्टूडेंट्स को काफी परेशान होना पड़ा। यहां कुछ चालक सुबह बच्चों को स्कूल तो लेकर आ गए लेकिन वापस नहीं ले गए। ऐसे में हाथों हाथ गार्जन को बुलाना इन बच्चों के लिए परेशानी का सबब बन गया। इसके अलावा बाफना स्कूल, बीबीएस स्कूल, सोफिया स्कूल और महारानी किशोरी देवी स्कूल के स्टूडेंट्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गार्जन भी ड्राइवर के साथ
उधर, गार्जन ने भी कहा है कि प्रशासन को अचानक से इतनी सख्ती नहीं करनी चाहिए। ऑटो चालकों को समझाना चाहिए। उनकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए लेकिन बच्चे कम करेंगे तो ऑटो चलाएंगे कैसे? इसलिए ये गार्जन और ऑटो चालक को तय करना चाहिए कि किराया कितना है और कितने बच्चों को ले जाएगा।

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