स्वास्थ्य निदेशक और जनाना अधीक्षक तलब:राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण के आदेश के बाद भी डॉक्टर को नहीं दिया वेतन

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

स्वास्थ्य निदेशक और जनाना अधीक्षक तलब:राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण के आदेश के बाद भी डॉक्टर को नहीं दिया वेतन

जयपुर

राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और जनाना अस्पताल के अधीक्षक को तलब किया है। जयपुर के जनाना अस्पताल में कार्यरत प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को आदेश के बावजूद वेतन का भुगतान नही करने पर तलब किया गया है। सिविल सेवा अपील अधिकरण ने यह आदेश डॉक्टर डॉ. साधना गुप्ता की ओर से पेश की गई अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

सिविल सेवा अपील अधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि 19 जनवरी तक विभाग वेतन का भुगतान करने की पालना रिपोर्ट पेश कर दें। वेतन का भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में दोनों अधिकारी व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दें।

पिछले दो साल से नहीं किया वेतन भुगतान
वकील संदीप कलवानिया ने बताया कि डॉक्टर साधना गुप्ता जयपुर के जनाना अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने उनको मार्च 2022 से अब तक वेतन का भुगतान नहीं किया है, जबकि वह लगातार ड्यूटी दे रहीं हैं। इसके बाद भी उनको करीब 2 साल से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। डॉक्टर साधना ने कई बार विभाग को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बकाया वेतन का भुगतान करने की गुहार लगाई, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। विभाग बिना कारण ही साधना गुप्ता को वेतन का भुगतान नहीं कर रहा है।

31 जनवरी को रिटायर हो रही हैं डॉक्टर साधना गुप्ता
डॉ. साधना गुप्ता ने अधिकरण में अपील दायर कर बकाया वेतन का भुगतान करवाने की गुहार लगाई। अधिकरण ने उनकी अपील को स्वीकार कर विभाग के संबंधित अधिकारियों को 10 दिन में वेतन का भुगतान करवाने के आदेश दिए थे।

अधिकरण के आदेश की पालना में साधना गुप्ता ने वेतन भुगतान करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस पर चिकित्सा विभाग के संयुक्त शासन सचिव ने उनका वेतन विभाग के लिव रिजर्व पदों से करने की स्वीकृति जारी कर दी। इसके बावजूद भी साधना गुप्ता को आदेश के 3 महीने बाद भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया, क्योंकि अधीक्षक जनाना अस्पताल ने डॉक्टर साधना की उपस्थिति प्रमाणित नहीं की, जिससे उनको वेतन का भुगतान नही हो पा रहा है। वकील कलवानिया ने दलील दी कि प्रार्थियां 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रही है। इसके बावजूद भी वेतन का भुगतान नही किया गया है।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!