Bikaner’s Khajuwala Foils Cross-Border Smuggling Plot; 10 kg Heroin, 11 Automatic Weapons and Over 100 Rounds Recovered
Bikaner, August 2: In a major breakthrough against cross-border smuggling, Bikaner Police have foiled an alleged Pakistan-backed drone-based trafficking operation in the Khajuwala sector, recovering approximately 10 kg of heroin, 11 automatic weapons, 22 magazines, and more than 100 rounds of ammunition during a massive search operation. The seized heroin is estimated to be worth around ₹50 crore in the international illicit market.
Bikaner Range Inspector General (IG) Om Prakash described the operation as the second major success after a significant seizure made on February 27. He said coordinated efforts by multiple intelligence agencies, police units, and local residents have played a crucial role in curbing cross-border smuggling activities. Senior officers have also been regularly visiting the border region to review security arrangements.
According to the IG, a joint team comprising the Bikaner District Special Team (DST), Cyber Cell, and Khajuwala Police carried out the operation late Friday night. During the search, officers recovered the consignment, which is believed to have been airdropped into Indian territory by drones.
The operation, led by Superintendent of Police Mridul Kachhawa, resulted in the detention of Virendra Singh, a resident of Jodhpur, who had allegedly arrived at the location to collect the consignment. He is currently being interrogated, while police continue efforts to identify and apprehend other members of the smuggling network.
Preliminary investigations suggest that the narcotics and weapons were dropped inside Indian territory by Pakistan-based smugglers using drones. Investigators are now working to trace the entire network and establish its cross-border links.
IG Om Prakash stated that the seizure is particularly significant ahead of India’s Independence Day, as it may have prevented a possible major terror-related or criminal incident. He said the timely action by the police had successfully thwarted what appeared to be a serious cross-border conspiracy.
Officials credited ASI Deepak Yadav, Shri Ram, and Head Constable Vasudev Charan for their crucial intelligence inputs and vigilance, which enabled the police to cordon off the area and uncover the illegal cache.
Police officials said search operations in the border belt are still underway, and further arrests and significant revelations are expected in the coming days. The recovered weapons, ammunition, and narcotics are being examined, while the detained suspect remains under intensive interrogation.
बीकानेर में सीमा पार की बड़ी साजिश नाकाम: खाजूवाला में ड्रोन से गिराई गई 10 किलो हेरोइन, 11 ऑटोमेटिक हथियार और 100 से अधिक कारतूस बरामद, 15 अगस्त से पहले सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी
बीकानेर, 2 अगस्त। राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार से संचालित एक बड़ी तस्करी और हथियार आपूर्ति की कथित साजिश को समय रहते विफल कर दिया। खाजूवाला थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में गिराई गई लगभग 10 किलोग्राम हेरोइन, 11 ऑटोमेटिक हथियार, 22 मैगजीन तथा 100 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ओम प्रकाश ने बताया कि यह कार्रवाई विभिन्न खुफिया एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं, स्थानीय पुलिस की सतर्कता और आमजन के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इससे पहले 27 फरवरी को भी इसी प्रकार की एक बड़ी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया था और उसके बाद से सीमा क्षेत्र में निगरानी और सघन कर दी गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की सीमा पार गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
आईजी के अनुसार शुक्रवार देर रात बीकानेर डीएसटी, साइबर सेल और खाजूवाला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया इनपुट के आधार पर विशेष अभियान चलाया। टीम ने संदिग्ध क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ, अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पूरा जखीरा पाकिस्तान स्थित तस्करों द्वारा ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराया गया था, जिसे आगे स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से उठाकर गंतव्य तक पहुंचाया जाना था।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व बीकानेर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने किया। कार्रवाई के दौरान मौके पर कथित रूप से खेप लेने पहुंचे जोधपुर निवासी विरेंद्र सिंह को हिरासत में लिया गया। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस तस्करी नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला केवल मादक पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसमें अवैध हथियारों की आपूर्ति का भी बड़ा नेटवर्क सामने आ रहा है। बरामद ऑटोमेटिक हथियारों और बड़ी संख्या में कारतूसों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इस संभावना की भी जांच कर रही हैं कि इनका इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी वारदात में किया जा सकता था।
आईजी ओम प्रकाश ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे समय में इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और हेरोइन की बरामदगी यह दर्शाती है कि सीमा पार से भारत की सुरक्षा को प्रभावित करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की समय पर की गई कार्रवाई ने एक संभावित बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।
इस पूरे ऑपरेशन में एएसआई दीपक यादव, श्रीराम तथा हेड कांस्टेबल वासुदेव चारण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इनके सटीक इनपुट, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध क्षेत्र की घेराबंदी कर इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी के कारण यह सफलता मिली है।
फिलहाल बरामद हथियारों, मैगजीन, कारतूस और हेरोइन की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार किस श्रेणी के हैं, उनका निर्माण कहां हुआ तथा उन्हें किस उद्देश्य से भारतीय सीमा में भेजा गया था। साथ ही ड्रोन की उड़ान, उसके संभावित मार्ग और सीमा पार मौजूद संचालकों के संबंध में भी जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीमा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं ताकि सीमा पार से संचालित तस्करी और हथियार आपूर्ति के इस मॉड्यूल को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।







