हैरिटेज वॉक के साथ अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव प्रारम्भ,शहरी परकोटे में दिखा उत्सव सा माहौल, हवेलियां देख हुए अभिभूत

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हैरिटेज वॉक के साथ अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव प्रारम्भ
शहरी परकोटे में दिखा उत्सव सा माहौल, हवेलियां देख हुए अभिभूत
बीकानेर, 6 मार्च। हैरिटेज वॉक के साथ तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव रविवार को प्रारम्भ हुआ। इसकी शुरूआत लक्ष्मीनाथ मंदिर से हुई। जहां संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन, पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश, जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल, पुलिस अधीक्षक योगेश यादव, बीएसएफ के डीआईजी पुष्पेन्द्र सिंह ने नगर सेठ के दर्शन कर, जयकारों के साथ इसे रवाना किया।
हैरिटेज वॉक में सजे-धजे ऊंट, इन पर बैठे रोबीले और पारम्परिक वेशभूषा में सजी-धजी महिलाओं की मौजूदगी में बाड़मेर के गेर नृत्य, जोधपुर के कालबेलिया, गुजरात के सिद्धि धमाल, खाजूवाला के मशक वादकों और भरतपुर के नगाड़ों के साथ शहरवासी भी थिरकने लगे। शहरी परकोटे में उत्सव का माहौल हो गया। अल सुबह ही अनेक लोग इसे देखने पहुंचे। हैरिटेज वॉक यहां से रवाना होकर चूड़ी बाजार, सब्जी बाजार, मावा पट्टी होते हुए रामपुरिया हवेलियों की ओर बढ़ी। जहां स्थानीय लोगों ने भी लोक कलाकारों के साथ जमकर नृत्य किया। हैरिटेज रूट की हवेलियों की बारीक नक्काशी देखकर सभी अभिभूत हुए और पूरे दृश्य को कैमरों में कैद करने की हौड़ सी दिखी।
स्थानीय लोक कलाकारों ने ‘केसरियो लाडो आयो’, ‘तू मत डरपे हो’ जैसे विवाह गीतों के साथ रम्मतों के दौरान गाए जाने वाले गीत प्रस्तुत किए और नृत्य करते हुए यहां की सुरंगी संस्कृति से रूबरू करवाया। सब्जी बाजार पहुंचने पर जिला कलक्टर सहित अन्य लोगों ने जलेबी और यहां के प्रसिद्ध पंधारी के लड्डू का स्वाद चखा। वहीं पुलिस अधीक्षक ने फोटोग्राफी में भी हाथ आजमाया। लोक कलाकारों के साथ सेल्फी लेते रहे। विभिन्न स्थानों पर रंगोली सजाकर मेहमानों का स्वागत किया गया।
इस दौरान संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन ने कहा कि पांच सौ से अधिक वर्ष पुराने बीकानेर शहर की कला, संस्कृति और परंपराएं बेहद समृद्ध हैं। यहां के तीज-त्यौहार और मेले पूरे देश में विशेष पहचान रखते हैं। यहां पर्यटन विकास की संभावनाओं के मद्देनजर प्रतिवर्ष ऊंट उत्सव आयोजित होता है। कोरोना संक्रमण की स्थितियों के कारण इस पर विराम लग गया था। अब एक बार फिर इसे आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय महोत्सव को यादगार बनाने के लिए अनेक नवाचार किए गए हैं।
जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने कहा कि बीकानेर की हवेलियां हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत हैं। इन्हें संरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विशेषताओं के कारण बीकानेर पर्यटन के क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। ऊंट उत्सव जैसे आयोजन से पर्यटक इन विशेषताओं से रूबरू हो सकेंगे।
इनटेक ने दिया धरोहर संरक्षण का संदेश
हैरिटेज वॉक के दौरान इंडियन नेशनल ट्रस्ट फोर आटर्स एंड कल्चरल हैरिटेज (इनटेक) ने धरोहर और लोक कलाओं के संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान इनटेक के डॉ. नंदलाल वर्मा, दिनेश सक्सेना, सुनील बांठिया और डॉ. शुक्ला बाला पुरोहित ने हाथों में तख्तियां लेकर बीकानेर की हवेलियों और यहां की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण का आह्वान किया।

https://youtu.be/Gc9f28lTZxM
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