होली से पहले स्वास्थ्य विभाग ने रानी बाजार स्थित बिना लाइसेंस की मिठाई फैक्ट्री करवाई बंद

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गंदगी और कबाड़ के ढेर के बीच एफएसएसएआई के मानकों का हो रहा था खुला उल्लंघन
ढाई सौ किलो अवधिकार मैदा व 30-30 किलो मिठाई व चाशनी मौके पर करवाए नष्ट

बीकानेर, 6 मार्च। होली त्यौहार पर बीकानेर वासियों को शुद्ध व स्वास्थ्यवर्धक मिठाइयां उपलब्ध हो सके इसके लिए शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को सीएमएचओ डॉ पुखराज साध के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा दल ने रानी बाजार गुरुद्वारे के पास स्थित एक फैक्ट्री पर औचक निरीक्षण की कार्रवाई की और फैक्ट्री को तत्काल बंद करवाया। डॉ साध ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि के निर्देशानुसार मिठाई की दुकानों के साथ-साथ उनकी फैक्ट्रियों की भी जांच की जा रही है। इसी क्रम में जुगल जी स्वीट्स की फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया गया। बिना खाद्य लाइसेंस की फैक्ट्री में कबाड़ और गंदगी के ढेर पर भिन भिनाती मक्खियों व लटकते खुले बिजली के तारों के बीच मिठाई व बेकरी उत्पाद बनाए जा रहे थे। आधे अधूरे सिविल वर्क की फैक्ट्री में फर्श टूटा हुआ था, उचित ड्रेनेज सिस्टम नहीं था, दीवारों पर गंदगी जमी हुई थी और मकड़ियों के जाले लटके हुए थे। खाद्य पदार्थों में अत्यधिक रंग का उपयोग पाया गया। फैक्ट्री में ना तो पानी जांच और ना ही पेस्ट कंट्रोल का कोई रिकॉर्ड पाया गया। इस प्रकार खाद्य संरक्षा के मानक नियमों का बड़े स्तर पर खुला उल्लंघन पाया गया। जन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक मानते हुए फैक्ट्री में तत्काल उत्पादन बंद करवाते हुए फैक्ट्री को बंद करवाया गया। फैक्ट्री के स्टोर में लगभग 250 किलो अवधिपार मैदा, 30-30 किलो खराब चाशनी व मिठाई को मौके पर ही नष्ट करवाया गया। फैक्ट्री से मिठाई व अन्य खाद्यों के विभिन्न नमूने जांच हेतु एकत्र किए गए। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी भानु प्रताप सिंह गहलोत, श्रवण कुमार वर्मा, सुरेंद्र कुमार तथा राकेश गोदारा शामिल रहे।

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