गरुड़ शक्ति: करावांग में भारत, इंडोनेशिया के सैनिकों का संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास

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गरुड़ शक्ति: करावांग में भारत, इंडोनेशिया के सैनिकों का संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास

नयी दिल्ली, 23 नवंबर भारतीय विशेष बलों की एक टुकड़ी वर्तमान में इंडोनेशिया में वहां के विशेष बलों के साथ द्विपक्षीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास कर रही है, जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ाना है। रक्षा मंत्रालय के एक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक सांगा बुआना प्रशिक्षण क्षेत्र, करावांग, इंडोनेशिया में आयोजित द्विपक्षीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास ‘गरुड़ शक्ति’ बैनर के तहत द्विपक्षीय अभ्यासों की श्रृंखला का आठवां संस्करण है। बयान में कहा गया, ‘‘दोनों सेना के बीच आदान-प्रदान कार्यक्रमों के तहत भारतीय विशेष सैनिकों बलों की एक टुकड़ी वर्तमान में सांगा

नयी दिल्ली, 23 नवंबर भारतीय विशेष बलों की एक टुकड़ी वर्तमान में इंडोनेशिया में वहां के विशेष बलों के साथ द्विपक्षीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास कर रही है, जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ाना है। रक्षा मंत्रालय के एक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

बयान के मुताबिक सांगा बुआना प्रशिक्षण क्षेत्र, करावांग, इंडोनेशिया में आयोजित द्विपक्षीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास ‘गरुड़ शक्ति’ बैनर के तहत द्विपक्षीय अभ्यासों की श्रृंखला का आठवां संस्करण है।

बयान में कहा गया, ‘‘दोनों सेना के बीच आदान-प्रदान कार्यक्रमों के तहत भारतीय विशेष सैनिकों बलों की एक टुकड़ी वर्तमान में सांगा बुआना प्रशिक्षण क्षेत्र, करावांग, इंडोनेशिया में वहां के विशेष बलों के साथ एक द्विपक्षीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास गरुड़ शक्ति में शामिल हुई है।’’

यह अभ्यास 21 नवंबर को शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के विशेष बलों के बीच समझ, सहयोग और अंतर परिचालन को बढ़ावा देना है। बयान के अनुसार संयुक्त अभ्यास के दायरे में विशेष बलों के कौशल को उन्नत करना, हथियार, उपकरण, नवाचार, रणनीति, तकनीकी और प्रक्रियाओं पर जानकारी साझा करना शामिल है। इसके अलावा विभिन्न अभियानों से सीखे गए सबक, जंगल इलाके में विशेष बल संचालन, आतंकवादी शिविरों पर हमले और सैन्य सहयोग पर जानकारी भी साझा की जाएगी।

बयान के मुताबिक संयुक्त प्रशिक्षण में उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, सामरिक अभ्यास, तकनीकों और प्रक्रियाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसके लिए एक व्यापक 13-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। यह अभ्यास 48 घंटे लंबे सत्यापन अभ्यास के साथ समाप्त होगा।

बयान में कहा गया, ‘‘यह संयुक्त अभ्यास दोनों सेनाओं को एक-दूसरे को बेहतर तरीके से जानने और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में आतंकवादी अभियानों से निपटने, क्षेत्रीय सुरक्षा संचालनों एवं शांति स्थापना कार्यों के बारे में अपने व्यापक अनुभवों को साझा करने में सहायता प्रदान करेगा। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में अर्जित की गई महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’’

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