50 हजार अमेरिकी नागरिकों के साथ होने वाला था फ्रॉड, नोएडा में बैठकर रची जा रही थी देश को बदनाम करने की साजिश

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50 हजार अमेरिकी नागरिकों के साथ होने वाला था फ्रॉड, नोएडा में बैठकर रची जा रही थी देश को बदनाम करने की साजिश

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक ऐसे खतरनाक खेल का खुलासा हुआ जिसके निशाने पर 50 हजार अमेरिकी नागरिक थे। नोएडा में बैठकर चली जा रही थी देश को बदनाम करने की बेहद गंदी चाल। डॉर्क वेब के इस खेल का हिस्सा थे 40 शातिर लोग।

हाइलाइट्स

  • नोएडा ्में डॉर्क वेब की मदद से चल रहा था बड़ा खेल
  • देश को बदनाम करने का प्लान हो रहा था तैयार
  • अमेरिका के 50 हजार नागरिक निशाने पर थे
  • 5 साल में ऐसे 250 कॉल सेंटर पकड़े गए हैं

राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में एक बहुत बड़े पैमाने पर ठगी का खेल चल रहा था। एक ऐसा खेल जो अगर कामयाब हो जाता तो देश की इज्जत को बड़ा नुकसान पहुंचता। नोएडा से 50 हजार अमेरिकी नागरिकों के डाटा बरामद हुए हैं। उसकी जानकारी यहां से छापेमारी के दौरान निकाली गई है। नोएडा में बैठकर अमेरिका के नागरिकों को ठगा जा रहा था और वो भी एक दो नहीं 50 हजार अमेरिकी नागरिक इन लुटेरों के निशाने पर थे।

नोएडा टू अमेरिका महाठगी का बड़ा जाल

नोएडा पुलिस को खबर मिली थी कि नोएडा में डार्क वेब का इस्तेमाल हो रहा है। वैसे तो खबरे लंबे समय से इस बात की आ रही थी, लेकिन एक अमेरिकी नागरिक कुछ दिन पहले कुछ पुख्ता सबूत दिए जिसके बाद टीम बनाई गई और फिर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी की गई। यहां अलग-अलग जगह पर 4 कॉल सेंटर चल रहे थे।

50 हजार अमेरिकी नागरिक थे निशाने पर

इन कॉल सेंटर में करीब 40 लोग काम पर लगे हुए थे। इनका काम था डार्क वेब की मदद से अमेरिकी नागरिकों का पता लगना। उनसे जुड़ी पूरी जानकारी हासिल करना, उनके बैंक अकाउंट के नंबर निकालना। जब इन कॉलसेंटर्स में छापेमारी हुई तो यहां पर ऐसे ही कई अमेरिकी नागरिकों के डाटा मौजूद थे। करीब 50 हजार विदेशी नागरिक इन लोगों की रडार पर थे। न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, कैलिफोर्निया के कई लोगों के साथ पहले ही ठगी की जा चुकी थी।

नोएडा से ठगी की जाती और पैसा हॉंगकॉग जाता

ये लोग पहले डेटा इकट्ठा करते और फिर इस डेटा की मदद से उन्हें फोन करके ट्रैप किया जाता। ट्रैप करने के बाद पैसे की मांग होती और ये पैसा फिर हॉन्कॉन्ग के बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जाता। करीब 4 साल से इसी तरह से काम चल रहा था। न सिर्फ नोएडा बल्कि गाजियाबाद में भी इस तरह के कॉल सेंटर ऑपरेट हो रहे थे। ताजा रेड में आरोपियों के पास 8 लग्जरी कारें, 23 लैपटॉप, 36 मोबाइल फोन, 4 लाख की नगदी और विदेशी करंसी भी बरामद हुई है।

5 साल में ऐसे 250 से ज्यादा कॉल सेंटर्स का पर्दाफाश हुआ है

मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक पिछले 5 सालों में 250 से ज्यादा ऐसे कॉल सेंटर पकड़े गए हैं जो विदेशी नागरिकों को अपना निशाना बना रहे थे। दरअसल इसके लिए विदेशी नागरिकों को ठगना बेहद आसान होता है। वजह होती है ऐसी ठगी में इन लोगों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं हो पाता और इनका काम आराम से चलता रहा है। ये लोग लाखों रुपये लूट लेते हैं, लेकिन पीड़ित विदेश में होने की वजह से भारत नहीं आ पाते और इनके खिलाफ कोई गवाही सूबत नहीं होते। ऐसे में अगर इन्हें पुलिस रेड डालकर इनको गिरफ्तार भी करती है तो बड़ी ही आसानी से इनको जमानत मिल जाती है और फिर बाहर आकर वही लूट का धंधा शुरू कर देते हैं।

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