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बीएसएफ जवानों ने भारत-पाक सीमा पर मनाई दिवाली, उच्च अधिकारियों ने जवानों का हौसला बढ़ाया

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बीएसएफ जवानों ने भारत-पाक सीमा पर मनाई दिवाली, उच्च अधिकारियों ने जवानों का हौसला बढ़ाया

बीकानेर : देशभर में जब लोग दिवाली का पर्व अपने परिवारों के साथ मनाने में व्यस्त थे, वहीं सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान सीमाओं पर तैनात रहकर देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। इन वीर जवानों ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा को निभाते हुए भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पूरे उल्लास और गर्व के साथ दिवाली का पर्व मनाया।

इस विशेष मौके पर बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी जवानों का उत्साहवर्धन करने और उनके त्याग और समर्पण का सम्मान करने के लिए मौजूद रहे। कार्यवाहक डीआईजी श्री सुब्रतो रॉय, 140 बटालियन के कमांडेंट श्री प्रभाकर सिंह और डीसीजी श्री महेश चंद जाट ने जवानों के साथ दिवाली की खुशियां साझा कीं और उन्हें मिठाइयां बांटी। इस अद्वितीय पहल से जवानों के मनोबल में वृद्धि हुई और उन्हें अपने कार्य के प्रति नई ऊर्जा प्राप्त हुई।

दिवाली का संदेश: “आपकी सुरक्षा हमारी दिवाली”
बीएसएफ के कार्यवाहक डीआईजी श्री सुब्रतो रॉय ने अपने संबोधन में जवानों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “दिवाली का पर्व असत्य पर सत्य की विजय और अंधकार पर प्रकाश के प्रतीक का पर्व है। इस समय हम सब यहां सीमाओं पर मुस्तैद हैं ताकि हमारे देशवासी अपने परिवारों के साथ दिवाली मना सकें और सुरक्षित रह सकें। आपके इस त्याग और निष्ठा के कारण ही देशवासी निश्चिंत होकर त्योहारों का आनंद उठा पाते हैं। आप देश के सबसे बड़े प्रहरी हैं, और आपकी कुर्बानी की बदौलत ही हर घर में खुशियों के दीप जलते हैं।”

उन्होंने कहा कि इस विशेष मौके पर जब पूरा देश दिवाली का उत्सव मना रहा है, तब जवानों का यह समर्पण वास्तव में राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट सेवा भावना को दर्शाता है। डीआईजी ने जवानों से अपने कर्तव्य पर अडिग रहने का संदेश देते हुए कहा कि उनका यह दृढ़ संकल्प ही देश की असली दिवाली है।

परिवार से दूर, लेकिन कर्तव्य के करीब
दिवाली जैसे विशेष अवसरों पर जवानों का अपने परिवार से दूर रहकर देश की सेवा में समर्पित रहना उनके अदम्य साहस और बलिदान का परिचायक है। इस दौरान अधिकारियों द्वारा उनके साथ समय बिताने और उन्हें प्रोत्साहित करने का उद्देश्य न केवल उनके कर्तव्यों को सम्मानित करना था, बल्कि यह भी था कि उनकी त्याग भावना और बलिदान को मान्यता दी जाए। इस पहल से जवानों का मनोबल बढ़ा, और उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर दिवाली का जश्न मनाया।

सीमा चौकियों पर रोशनी और रंगोली से महकता माहौल
दिवाली के अवसर पर सीमा चौकियों पर विशेष सजावट की गई थी। जवानों ने अपने बंकरों और चौकियों को रंगोली और दीयों से सजाया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भरा दिखाई दे रहा था। यह सजावट और परंपरागत रीति-रिवाजों ने जवानों को एक पारिवारिक माहौल का अनुभव कराया। एक दूसरे को मिठाइयां बांटते हुए जवानों ने देश की सुरक्षा का संकल्प दोहराया।

दिवाली के अवसर पर सीमा पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी स्थिति में सुरक्षा में कमी न हो और जवान अपना कर्तव्य निष्ठापूर्वक निभा सकें। जवानों ने एक दूसरे के साथ पारंपरिक गीत गाए और देशवासियों के लिए अपनी सेवा का संकल्प पुनः दोहराया।

समर्पण और कर्तव्य का प्रतीक बना पर्व
दिवाली के इस पावन अवसर पर बीएसएफ जवानों ने न केवल सीमाओं की रक्षा की, बल्कि यह भी दिखाया कि उनके समर्पण में कोई कमी नहीं है। इस पर्व ने उनके भीतर देश के प्रति सेवा का संकल्प और अधिक मजबूत किया।

सीमा सुरक्षा बल के इन जवानों का यह अटूट समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा हर देशवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो उन्हें यह विश्वास दिलाता है कि चाहे जैसे भी हालात हों, देश की सीमाएं सुरक्षित हैं।

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